मेट्रो उद्घाटन में दिल्ली CM केजरीवाल को न बुलाने की निंदा, वरिष्ठ पत्रकार ओम थानवी ने ये क्या कह दिया-

नोएडा। नॉएडा में सोमवार को मेट्रो के उद्घाटन के बाद दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल को न बुलाने पर पीएम मोदी और भाजपा पर जमकर तंज कसे जा रहे हैं | सोशल मीडिया पर लोग इसे भाजपा की ओछी मानसिकता बता रहे हैं | लोग लगातार भाजपा और पीएम पर निशाना साध रहे हैं | देश ले बड़े पत्रकार ओम थानवी ने लिखा है कि, ‘प्रधानमंत्री के करकमलों से आज शुरू होने वाली दिल्ली मेट्रो की मैजेंटा लाइन का उद्घाटन कर रहे हैं। इस लाइन के नौ स्टेशनों में सात दिल्ली में पड़ते हैं। मेट्रो परियोजना में दिल्ली सरकार का भी बराबर का पैसा लगा है। उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री उद्घाटन यात्रा में मेट्रो में चढ़ेंगे, दिल्ली के मुख्यमंत्री नहीं। उन्हें बुलाया ही नहीं गया है। पैसा न लगा हो, तब भी शिष्टाचार एक तक़ाज़ा होता है। भाईचारे, प्रेम और सौहार्द के त्योहार क्रिसमस के दिन हमारे प्रधानमंत्री ने घृणा, कुंठा और भेदभाव का कैसा संकुचित संदेश संसार को दिया है! दिल्ली के मुख्यमंत्री का तो इसमें क्या बिगड़ा होगा, प्रधानमंत्री की कुरसी ज़रूर थोड़ी देर को छोटी हो जाएगी।’

अजय शुक्ला ने लिखा है कि, ‘सर सत्य तो यह है कि कोई व्यक्ति कुर्सी से बड़ा या छोटा नहीं होता..इंद्र देवताओं के राजा थे मगर शिव बिना किसी राज या कुर्सी के भी महादेव हैं…देने और दूसरे का हित -सम्मान करने वाला ही बड़ा होता है..इससे यह प्रमाणित होता है कि कोई बड़ी कुर्सी पर बैठ गया तो बड़ा हो गया नहीं हो सकता…

वहीँ दीपक जैन ने लिखा है, ‘सोचिये जो दिल्ली मेट्रो के उद्धघाटन में दिल्ली के CM को निमंत्रण तक नही देते वो CM को काम करने में कितने अड़ंगा डालते होंगे ?

उद्घाटन अवसर पर मोदी ने यह कहा था-

मजेंटा लाइन मेट्रो के उद्घाटन में पीएम मोदी ने कहा कि योगी आदित्यनाथ पूरी ऊर्जा के साथ यूपी के विकास में लगे हैं लेकिन कुछ लोग उनके कपड़े देखकर कहते हैं यह तो पुराने खयालों के होंगे, पोगापंथी होंगे, लेकिन उन्होंने आज दशकों से चले रहे उस अंधविश्वास को तोड़ दिया जिसकी वजह से यह इलाका मुख्यमंत्री के लिए अछूत बना रहा। मैं इसके लिए योगी जी को हृदय से बधाई देता हूं, यह बात पीएम मोदी ने नॉएडा में मेट्रो के उद्घाटन अवसर पर कही | पीएम मोदी ने कहा कि जो लोग कुर्सी के जाने के डर से जीते हैं उनको मुख्यमंत्री बनने का कोई अधिकार नहीं है।

मोदी ने कहा कि श्रद्धा का अपना स्थान होता है लेकिन अंधश्रद्धा के लिए कोई जगह नहीं होता है। उन्होंने हम आधुनिक-वैज्ञानिक युग में जी रहे हैं ऐसे मिथकों और मान्यताओं की कोई जगह नहीं है। पीएम ने कहा, ‘जब मैं गुजरात का सीएम बना तो मुझे भी बताया गया कि इन जगहों में न जाएं नहीं तो सीएम दोबारा नहीं बन पाओगे। मैं उन सभी जगहों एक ही साल में हो आया. उसके बाद भी गुजरात का सबसे ज्यादा समय तक रहने वाला मैं सीएम बन गया। मजेंटा लाइन के उद्धाटन के बाद मोदी बोले, जब मेरी सरकार आई तो खबर छपती थी लोग दफ्तर समय से आने लगे हैं। यूपी में करीब 35 सालों से एक अंधविश्वास सभी मुख्यमंत्रियों पर हावी था कि जो भी नोएडा आता है उसकी कुर्सी चली जाती है। उत्तर प्रदेश का ये हाइटेक शहर मुख्यमंत्रियों के दर्शन के लिए तरसता रहा। समाजवादी विचारधारा वाले मुख्यमंत्री भी इसी डर से नोएडा नहीं आते थे।