नोएडा : SSP बोले- यह ‘फर्जी एनकाउंटर’ का नहीं बल्कि दुश्मनी का केस, परिवार बोला- ‘यादव होने के कारण जितेन्द्र को मारी गोली’

नोएडा । यूपी के नोएडा के सेक्टर 122 में शनिवार रात एक युवक को गोली मारने के मामले में तत्काल प्रभाव से 4 पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है. एसएसपी लव कुमार ने बताया कि हमने ट्रेनी सब इंस्‍पेक्‍टर की सर्विस रिवॉल्वर जब्त कर ली है, जिससे गोली चलाई गई थी और उसे जेल भेज दिया है. एसएसपी लव कुमार ने कहा कि पहली नजर में यह व्यक्तिगत दुश्मनी का मामला नजर आता है. जांच के दौरान यह पाया कि ट्रेनी सब इंस्‍पेक्‍टर उस व्यक्ति के बड़े भाई को जानता था जिसे गोली लगी है. आरोपी एसआई और पीड़ित जीतेंद्र यादव भी एक दूसरे को अच्छे से जानते थे. आरोपी एसआई सादी वर्दी में था, जबकि बाकी पुलिस वाले वर्दी में थी. आरोपी ने ही बाकी पुलिस टीम को सूचना दी थी कि कही हंगामे की सूचना है. एसआई के कहने पर ही मौके पर पूरी टीम पहुंची थी. गोली क्यों मारी गई, इसकी अभी जांच चल रही है |

‘फर्जी एनकाउंटर’ पर सवाल-
योगी सरकार में लगातार हो रहे एनकाउंटर्स के बीच नोएडा में ‘फर्जी एनकाउंटर’ ने सरकार पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जानकारी के मुताबिक आरोप है कि नोएडा के सेक्टर 122 में शनिवार रात दारोगा ने कुछ सिपाहियों के साथ मिल पास के गांव में ही रहने वाले जितेन्द्र कुमार यादव को गोली मार दी। मामले की जानकारी होते ही आसपास के लोगों ने अस्पताल का घेराव और पुलिस के खिलाफ प्रदर्शन जारी है। डीजीपी ऑफिस ने एसएसपी लव कुमार से इस मामले पर रिपोर्ट मांगी है और आरोपी चौकी इंजार्ज को गिरफ्तार कर लिया गया है।

क्या है मामला ?
गांव में जिम चलाने वाले जितेन्द्र यादव अपने चाचा और अन्य दोस्तों के साथ गाजियाबाद से अपनी बहन की सगाई कर लौट रहे थे। आरोप है कि सेक्टर 122 में चौकी इंचार्ज विजय दर्शन शर्मा ने 3 अन्य सिपाहियों के साथ जितेन्द्र की गाड़ी को ओवरटेक कर रोका। चौकी इंचार्ज ने जितेन्द्र के साथ गालीगलौज करते हुए मारपीट की और गोली मार दी। अस्पताल पहुंचे एसपी सिटी ने कहा कि जांच पूरी होने तक कुछ नहीं कहा जा सकता। अगर पुलिसकर्मी दोषी पाए जाते हैं तो उनपर कार्यवाही होगी।

परिवार का आरोप-
जितेन्द्र के परिजनों का आरोप है कि चौकी इंचार्ज विजय दर्शन घटना के वक्त नशे में थे और उन्होंने जितेन्द्र पर बंदूक तानते हुए कहा कि प्रमोशन का सीजन है और उनका प्रमोशन रह गया है एक-दो को टपकाना पड़ेगा। परिवार वालों का आरोप है कि जितेन्द्र को यादव होने के कारण गोली मारी है। जितेन्द्र अभी फोर्टिस अस्पताल में भर्ती हैं। गांव वालों का कहना है कि 10-12 दिन पहले कुछ पुलिसकर्मी पास की मार्केट में उगाही करने आए थे, जिसको लेकर जितेन्द्र का चौकी इंचार्ज से विवाद भी हुआ था।

पुलिसवाले फरार!
मामले की जानकारी होते ही आसपास के गांव वाले रात से ही फोर्टिस के बाहर जमा होने लगे। करीब 250 लोग अस्पताल के बाहर जमा हैं, मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और पीएसी को तैनात कर दिया गया है। गांव वालों ने मांग है कि 24 घंटों के भीतर आरोपी पुलिस वालों को गिरफ्तार किया जाए। साथ ही उन्होंने 50 लाख मुआवजे की भी मांग की है। मांग पूरी न होने पर एनएच-24 जाम करने की धमकी भी दी है। बताया जा रहा है कि घटना के बाद से ही पुलिस वाले फरार हैं।
-एजेंसी