योगी सरकार में कोई नहीं सुन रहा BJP नेताओं का दर्द, अलीगढ़ के प्रवक्ता ने लिखी कविता- ‘वाह री नुमाईश तैने बड़े पत्ते खोले’

अलीगढ़ । यूँ तो यूपी और केंद्र में भाजपा की सरकार है लेकिन भाजपाई जिले के अफसरान से परेशान है । हालात यह हैं कि भाजपा के प्रवक्ता पार्टी का काम छोड़ कविता लिखकर खुद का दर्द बयां कर रहे हैं । नुमाईश को लेकर जिलाधिकारी और भाजपा के एक खेमे में छिड़ी जंग याब सोशल मीडिया पर आ गयी है । भाजपा के जिला प्रवक्ता निशित शर्मा ने पार्टी की गुटबंदी और नुमाईश में अफसरों के खेल पर कविता लिखी है जिसमे इशारों ही इशारों में सब कुछ कहा गया है ।

आप भी पढ़िए निशित शर्मा की यह कविता-

वाह री नुमाईश तैने बड़े पत्ते खोले
कुछ पक्ष में बोले , कुछ विपक्ष में बोले
जो हुए मैनेज , वो कुछ न बोले
जो धमकाए गए , वो खुल कर बोले

सत्ता वालों ने भी गुट खोले
‘साहब’ को लुभाने के लिए खूब डोले
‘माननीय’ ने बरसाए कार्यकर्ता की रक्षा में गोले
पर ‘दरबारी’ बुला रहे ‘स्टार’ ,खिला रहे भटूरे-छोले

वह री नुमाईश तैने बड़े पत्ते खोले
कुछ पक्ष में बोले, कुछ विपक्ष में बोले
जयचन्द भी खोले , विभीषण भी खोले
कुछ फ़ेसबुक पर बोले , कुछ प्रेस में बोले

मुंडन भी हुआ , अस्थि भी बही
साहब ‘पत्राचार’ से भी घबराए हौले-हौले
“चौथे स्तंभ” के भी ईमान डोले
एक ऑडियो लपक ली , दूसरी पे कुछ न बोले

वाह री नुमाईश तेने बड़े पत्ते खोले
लखनऊ-दिल्ली तक लगवाए हिचकोले
पर नुमाईश तेरा स्वाद रहा बे-असर
बस मैनेजर काट रहे रौले

नुमाईश तेरा मुरीद हो गया “निशित”
जो राज़ कभी न खुलते, तैने वो भी खोले ।।