नेपाल ने की चीन से व्यापार को तत्काल बहाल करने की अपील की

चीन ने तिब्बत और चीन के साथ नेपाल को जोड़ने वाले मुख्य मार्ग, अरानिको राजमार्ग से व्यापार की तत्काल बहाली की नेपाल की अपील पर ‘सकारात्मक प्रतिक्रिया’ व्यक्त की है और शीर्ष नेपाली नेताओं और चीन के उपराष्ट्रपति वांग यांग के दौरे के दौरान बीजिंग में व्यापार राजमार्ग को उन्नत करने के लिए सैद्धांतिक रूप से सहमति प्रदान कर दी है। काठमांडू पोस्ट की रपट में कहा गया है कि नेपाल में हाल ही में बाढ़ से हुए नुकसान से निपटने के लिए चीन ने आपात कोष के रूप में 10 लाख डॉलर का दान दिया है। वर्ष 2015 में आए भूकंप में अरानिको राजमार्ग बुरी तरह प्रभावित हुआ था और भूस्खलन से भी प्रभावित हुआ था, जिससे चीन ने मार्ग को बंद कर दिया था। यह सड़क नेपाल के लिए काफी महत्वपूर्ण है, क्योंकि इस सड़क से चीन से भारी मात्रा में माल आता है। इस साल मार्च में चीन ने मरम्मत कार्य पूरा करने के बाद अरानिको राजमार्ग नेपाल को सौंप दिया।
2015 के भूकंप में काठमांडू से तातोपानी तक 114 किलोमीटर लंबा यह राजमार्ग सिंधुपालचौक जिले में पांच अलग-अलग जगहों पर बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया था, जिससे वाहनों के आवागमन में बाधा आ गई थी। इस राजमार्ग की मरम्मत चीन से मिली 76 करोड़ रुपये की अनुदान राशि से की गई।  चीनी निर्माण कंपनी चाइना रेलवे सिसुगु ग्रुप निगम ने राजमार्ग के क्षतिग्रस्त हिस्सों की मरम्मत की थी।
अरानिको राजमार्ग का निर्माण 1960 में चीनी अनुदान से किया गया था। नेपाल मई में चीन के बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव (बीआरआई) में शामिल हो गया, जिसके बाद चीन ने काठमांडू तक रेलवे नेटवर्क बनाने में रुचि व्यक्त की है।
चीनी उपराष्ट्रपति वांग ने मंगलवार को नेपाल-चीन के उप-प्रधानमंत्री स्तर की बैठक के दौरान बाढ़ सहायता की घोषणा की। इस द्विपक्षीय बैठक में नेपाल का प्रतिनिधित्व उपप्रधानमंत्री बिजय कुमार गछेदार ने किया।  दोनों देशों ने तीन महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किए, जिसका नेपाल के सामाजिक-आर्थिक विकास पर दीर्घकालिक प्रभाव पड़ेगा।  काठमांडू पोस्ट की रपट के मुताबिक, तीन अलग-अलग श्रेणियों में -आर्थिक और तकनीकी सहयोग, चीन की सहायता से तेल और गैस संसाधन सर्वेक्षण परियोजना और निवेश और आर्थिक सहयोग के संवर्धन के लिए फ्रेमवर्क समझौते पर हस्ताक्षर किए गए।