नववर्ष 2018 में नाम के अक्षर से जानिए अपनी और दूसरों की खास बातें, पढ़िए

राशि के अनुसार नाम का पहला अक्षर तय होता है। सभी 12 राशियों के लिए अलग-अलग अक्षर बताए गए हैं। नाम के पहले अक्षर से राशि मालूम होती है और उस राशि के अनुसार व्यक्ति के स्वभाव और भविष्य से जुड़ी कई जानकारी प्राप्त की जा सकती है। ज्योतिष में नाम के पहले अक्षर का महत्व काफी अधिक है। व्यक्ति के जन्म के समय चंद्रमा जिस राशि में होता है।

यहां जानिए किस राशि के अंतर्गत कौन-कौन से नाम अक्षर आते हैं किस राशि के व्यक्ति का स्वभाव कैसा है और किस राशि के लोगों की क्या विशेषता है…
मेष- चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, आ.
राशि स्वरूप- मेंढा जैसा, राशि स्वामी-मंगल, अग्नि तत्व, उग्र स्वभाव।
इस राशि के लोगों का स्वभाव- ये लोग नेतृत्व के स्वभाव से पूर्ण, निर्णय क्षमता में शीघ्रता, दक्षिण-पूर्व दिशा से लाभ काम पूरा करना, राजनेता के साथी (राजा के मित्र) होते हैं।

वृष- ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो

राशि स्वरूप- बैल जैसा, राशि स्वामी- शुक्र, भूमि तत्व, रजो गुणी।
इस राशि के लोगों का स्वभाव- इस राशि के लोग उपभोगवादी, विलासिता से परिपूर्ण कार्य क्षमता को हर दम आगे बढ़ाने वाले उत्तर दिशा से विशेष लाभ कामेच्छा रखने वाले संबंधियों में प्रिय रजोगुणी तथा दूरदर्शिता वाले होते हैं।

मिथुन- का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, ह
राशि स्वरूप- स्त्री-पुरुष प्रेम करते हुए, राशि स्वामी- बुध, वायु तत्व, तमो गुणी।
इस राशि के लोगों का स्वभाव- मिथुन राशि द्विस्वभाव की राशि है। इस राशि के लोग कला गायन में रुचि रखने वाले होते हैं। तर्क में दक्ष होते हैं अपनी बात मनवाने वाले कभी-कभी असहज अनुभव करने वाले चित्रकला वाक्युद्ध घूमने-फिरने वाले होते हैं।नाम का पहला अक्षर तय होता है। सभी 12 राशियों के लिए अलग-अलग अक्षर बताए गए हैं। नाम के पहले अक्षर से राशि मालूम होती है और उस राशि के अनुसार व्यक्ति के स्वभाव और भविष्य से जुड़ी कई जानकारी प्राप्त की जा सकती है।

यहां जानिए किस राशि के अंतर्गत कौन-कौन से नाम अक्षर आते हैं, किस राशि के व्यक्ति का स्वभाव कैसा है और किस राशि के लोगों की क्या विशेषता है…

मेष- चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, आ. राशि स्वरूप- मेंढा जैसा, राशि स्वामी-मंगल, अग्नि तत्व, उग्र स्वभाव।
इस राशि के लोगों का स्वभाव- ये लोग नेतृत्व के स्वभाव से पूर्ण, निर्णय क्षमता में शीघ्रता, दक्षिण-पूर्व दिशा से लाभ काम पूरा करना राजनेता के साथी (राजा के मित्र) होते हैं।

वृष- ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो
राशि स्वरूप- बैल जैसा, राशि स्वामी- शुक्र, भूमि तत्व, रजो गुणी। इस राशि के लोगों का स्वभाव- इस राशि के लोग उपभोगवादी, विलासिता से परिपूर्ण, कार्य क्षमता को हर दम आगे बढ़ाने वाले उत्तर दिशा से विशेष लाभ, कामेच्छा रखने वाले, संबंधियों में प्रिय, रजोगुणी तथा दूरदर्शिता वाले होते हैं।

मिथुन- का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, ह

राशि स्वरूप- स्त्री-पुरुष प्रेम करते हुए, राशि स्वामी- बुध, वायु तत्व, तमो गुणी। इस राशि के लोगों का स्वभाव- मिथुन राशि द्विस्वभाव की राशि है। इस राशि के लोग कला, गायन में रुचि रखने वाले होते हैं। तर्क में दक्ष होते हैं, अपनी बात मनवाने वाले, कभी-कभी असहज अनुभव करने वाले, चित्रकला, वाक्युद्ध, घूमने-फिरने वाले होते हैं।

कर्क- ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो
राशि स्वरूप- केकड़ा, राशि स्वामी-चंद्रमा, जल तत्व, उग्र स्वभाव। इस राशि के लोगों का स्वभाव- ये लोग कभी-कभी हिंसात्मक या बदला लेने की प्रवृत्ति वाले, कार्य को अंजाम देने में माहिर, अस्थिर बुद्धि वाले, जल्दबाजी में निर्णय लेने वाले, किंतु विजेता होते हैं। अद्भुत तार्किक क्षमता, दुविधा वाले होते हैं।

सिंह- मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे
राशि स्वरूप- शेर जैसा, राशि स्वामी- सूर्य, अग्नि तत्व, रजो गुणी। इस राशि के लोगों का स्वभाव- पराक्रम, ओज से परिपूर्ण, अपनी बात को मनवाने वाले, शीघ्र निर्णय लेने वाले, घूमने-फिरने के शौकीन, नेतृत्व क्षमता को भुनाने वाले, शीघ्र क्रोध में आने वाले, किंतु शांत प्रकृति के होते हैं।

कन्या- ढो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो
राशि स्वरूप- कन्या, राशि स्वामी- बुध, भूमि तत्व, तमो गुणी। इस राशि के लोगों का स्वभाव- इस राशि के लोग प्रेम से वश में आने वाले, स्वयं की मेहनत से सफल होने वाले, द्विस्वभाव यानी वैचारिक परिवर्तन वाले, सहयोगी, कवि, लेखक, गीतकार आदि होते हैं।

तुला- रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते
राशि स्वरूप- तराजू जैसा, राशि स्वामी- शुक्र, प्रभुत्व- कालपुरुष के कमर/जननांग पर, वायु तत्व, दिन में बली, रजोगुणी, वन विहार के शौकीन, अल्प संतति इस राशि के लोगों का स्वभाव- ये लोग परिस्थितियों को अपने पक्ष में करने वाले, साहसिक काम करने के शौकीन, बलवान, धनवान, समाज सेवा करने वाले, यात्रा में आनंद उठाने वाले होते हैं।

वृश्चिक- तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू
राशि स्वरूप- बिच्छू जैसा, राशि स्वामी- मंगल, जल तत्व, तमोगुणी। इस राशि के लोगों का स्वभाव- इस राशि के लोग कार्यशैली में बदलाव करने वाले, तुरंत परिवर्तन की चाह रखने वाले, नेतृत्व करने वाले, अपनी विद्या या शैली से आगे बढ़ने और श्रेष्ठ व्यवहार वाले होते हैं।

धनु- ये, यो, भा, भी, भू, धा, फा, ढा, भे
राशि स्वरूप- धनुष उठाए हुए, राशि स्वामी- बृहस्पति, अग्नि तत्व, सतोगुणी। इस राशि के लोगों का स्वभाव- अपने कार्य को बखूबी अंजाम देने वाले, लक्ष्य पर केंद्रित, अध्यात्म-साधना के प्रति रुचि रखने वाले, पूर्व दिशा वाले, पर्वतारोहण में रुचि, अद्भुत कार्य क्षमता के धनी होते हैं।