राजनाथ सिंह ने बैठक में कहा, नक्सल समस्या का कोई शॉर्टकट नहीं है

नई दिल्ली। नक्सल प्रभावित राज्यों के मुख्यमंत्रियों की बैठक में आज गृहमंत्री राजनाथ सिंह बोले कि नक्सल समस्या का कोई शॉर्टकट नहीं होता। छत्तीसगढ के सुकमा में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के 25 जवानों के शहीद होने के बाद नक्सलियों पर नकेल कसने के लिए केन्द्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह नक्सल प्रभावित राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ आज यहां बैठक करेंगे।
राजधानी के विज्ञान भवन में आयोजित इस बैठक में छत्तीसगढ, आंध प्रदेश, झारखंड, ओडिशा, बिहार, मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल, तेलंगाना के मुख्यमंत्रियों को आमंत्रित किया गया है।
नक्सलियों पर नकेल कसने के लिए केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने आज नक्सल प्रभावित राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक की। इस दौरान उन्होंने कहा, मुझे विश्वास है कि पूरी ताकत और नई रणनीति के साथ हम नक्सलियों का सामना सफलतापूर्वक करेंगे। उनके मुताबिक, बीते 20 वर्षों में माओवादी हिंसा के कारण लगभग 12,000 लोगों की जानें गई है। इसलिए वामपंथी कट्टरपंथ से लडऩे का मूलभूत नियम है कि उनकी वित्तीय संसाधनों तक पहुंच को रोक दिया जाए।

गृह मंत्री ने कहा कि नक्सल समस्या का तुरत-फुरत हल नहीं निकला जा सकता, इसका कोई शॉर्टकट भी नहीं है, इस समस्या को लघु-अवधि, मध्यम-अवधि और दीर्घकालिक हलों के जरिए ही सुलझाया जा सकता है। राजनाथ ने कहा कि जमीन पर सुरक्षाबलों में नेतृत्व की कमी नहीं होनी चाहिए। उद्देश्य और कार्रवाई में एकता जरूरी है। हमें सुनिश्चित करना होगा कि नक्सल ऑपरेशन पर राज्यों को अपना अधिकार सुनिश्चित करना होगा और सीआरपीएफ के साथ सहयोग कर काम करना होगा। राजधानी के विज्ञान भवन में आयोजित इस बैठक में छत्तीसगढ़, आंध प्रदेश, झारखंड, ओडिशा, बिहार, मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल, तेलंगाना के मुख्यमंत्रियों को आमंत्रित किया गया है। छत्तीसगढ़ के सुकमा में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल(सीआरपीएफ) के 25 जवानों के शहीद होने के बाद यह अहम बैठक की गई। 10 राज्यों के मुख्यमंत्रियों की बैठक में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, तेलंगाना के सीएम के.सी. राव और आंध्र प्रदेश के सीएम एन चंद्रबाबू नायडू उपस्थित नहीं हुए।
बैठक में श्री सिंह के अलावा रेल मंत्री सुरेश प्रभु और नागरिक उड्डयन राज्यमंत्री जयंत सिन्हा, ग्रामीण विकास मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर और बिजली मंत्री पीयूष गोयल तथा दूरसंचार मंत्री मनोज सिन्हा के अलावा गृह मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी, राज्यों के मुख्य सचिव और नक्सल प्रभावित राज्याें के पुलिस महानिदेशक भी शामिल होंगे।