आप भी एकबार जरूर पढ़िए पुष्पा कुमारी की वायरल हो रही कहानी- ‘पटियाला सूट’

सोशल इंडिया पर आजकल कहानियां काफी वायरल हो रही हैं । किताबों से निकलकर आजकल लोग फेसबुक पर बने साहित्य से जुड़े ग्रुप में कहानियां लेखन कर रहे हैं । महाराष्ट्र के पुणे की रहने वाली पुष्पा कुमारी पुष्प की कहानियां लोगों में काफी पसंद की जा रही हैं । पढ़िए उनकी वायरल हो रही यह कहानी – ‘पटियाला सूट’

गाँव से पहली बार दिल्ली आई दादी को स्टेशन से रिसीव कर मेट्रो में बिठाने के बाद वह वही बगल में सीट का सहारा ले खड़ा हुआ ही था की सीनियर सिटीजन सीट पर बैठी दादी ने इशारे से उसे अपने करीब बुलाया।
“क्या हुआ दादी?”
“बेटा मैं बहुरिया के लिए गांव से दो-तीन पटियाला सलवार-सूट सिलवा कर लाई थी!.सोची थी घर जाकर उसे दूंगी,.लेकिन”…
वह कुछ समझ पाता उससे पहले ही दादी ने अपने कांपते हाथों से वहीं रखी ट्रॉली बैग का चैन खोल सूट निकाल उसकी ओर बढ़ा दिया।
“तू देख कर बता ना!.उन लड़कीयों में ये सूट आ जाएंगे क्या?”
मेट्रो की भीड़ में हेडफोन कानों में लगाए सामने की सीट पर एक लाइन से बैठी स्टाइलिश लड़कीयों की ओर दादी ने इशारा किया।
“लेकिन क्यों दादी?”
वह दादी के चेहरे पर उभरते भाव को पढ़ने की कोशिश करने लगा।
“तू देख नहीं रहा!.उनकी पतलून बिल्कुल पहनने लायक नहीं है,.फिर भी बेचारी फटे हुए को ही”…
उसने अपनी दादी के हाथों से सूट लेकर वापस ट्रॉली बैग में ठूंस दिया।
“अरे!.क्या हुआ?”
“दादी! ये यहां का फैशन है।”
उसने अपनी दादी को समझाने की कोशिश की लेकिन पहली बार दिल्ली मेट्रो में सफर कर रही दादी फटी जींस से झांकते घुटनों पर नजरें गड़ाए मानो अपने कानों सुनी और आंखों देखी पर विश्वास ना कर पाई।

लेखिका- पुष्पा कुमारी “पुष्प”, पुणे (महाराष्ट्र