UAE ने इस्लामी कानूनों को दिखाया ठेंगा, मुस्लिमों को लिवइन रिलेशन में रहने, शराब पीने की छूट

दुबई। संयुक्त अरब अमीरात ने एक ऐतिहासिक फैसला लेते हुए इस्लामिक पर्सनल लॉ में बड़े बदलाव किए हैं। इन बदलावों के तहत बिना शादी के प्रेमी जोड़ों को साथ में रहने की इजाजत होगी। इसके अलावा शराब पर प्रतिबंधों में ढिलाई दी गई है और ऑनर किलिंग को अपराध की श्रेणी में रखा गया है।

कड़े इस्लामिक कानूनों में बदलाव के कदम को अमीरात के शासकों के बदलते वक्त के साथ तालमेल कायम करने के प्रयास करने के तौर पर देखा जा रहा है। इन बदलावों के साथ अमेरिका की मध्यस्थता में एक अन्य महत्वपूर्ण घोषणा की गई है जिसके तहत यूएई और इजरायल के बीच संबंधों में सुधार के प्रयास किए जाएंगे। इससे यूएई में इजरायली टूरिस्ट का आना-जाना बढ़ेगा और यूएई में निवेश के रास्ते खुलेंगे।

ऑनर किलिंग से जुड़े कानूनों में भी किए बदलाव-
यूएई सरकार ने उन कानूनों में भी बड़े बदलाव किए हैं जिनके तहत ऑनर किलिंग्स जैसे क्राइम को संरक्षण मिलता था। पुराने कानून के तहत कोई शख्स अपनी किसी महिला रिश्तेदार पर हमला करने के बाद सिर्फ इसलिए बच जाता था, अगर वो यह साबित कर दे कि वह महिला घर के सम्मान के साथ खिलवाड़ कर रही थी।

मुस्लिमों के शराब पीने और घर में रखने पर छूट-
जिन बदलावों की घोषणा की गई है उनमें प्रमुख तौर पर शराब को लेकर सख्त नियमों में ढिलाई दी गई है। अब 21 साल या उससे ऊपर के किसी शख्स पर शराब पीने, बेचने या रखने के लिए फाइन नहीं लगेगा। इससे पहले लोगों को शराब खरीदने, उसके परिवहन या अपने घरों में रखने के लिए लाइसेंस लेना पड़ता था। नए नियमों के तहत जिन मुस्लिमों के शराब पीने पर प्रतिबंध था, उन्हें भी शराब पीने की छूट दी गई है।

बैचलर्स को ‘लिवइन’ में रहने की इजाजत-
इसके अलावा एक अन्य संशोधन के तहत ‘बिना शादी कपल्स को साथ में रहने’ की आजादी दी गई है। यह यूएई में लंबे समय से एक गंभीर अपराध की श्रेणी में रहा है। हालांकि दुबई जैसे शहर में विदेशियों के लिवइन में रहने को लेकर प्रशासन थोड़ी ढिलाई बरतता था, मगर सजा का खतरा तब भी रहता था।