मुसलमानों के खिलाफ किसी नये षड़यंत्र का हिस्सा तो नहीं इस्राईली राजदूत की योगी से मुलाकात ?

इस्राईल भारत के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश सहित कई राज्यों में अपनी पैठ बना रहा है। कुछ लोगों के अनुसार भारत में ज़ायोनी शासन के राजदूत भारत के उन राज्यों में अपनी यात्राएं बढ़ा दी हैं जिन प्रदेशों में बीजेपी की सरकारें हैं। लखनऊ से मिली रिपोर्ट के अनुसार मंगलवार को भारत में इस्राईली राजदूत डेनियल कैरमन ने उत्तर प्रदेश का दौरा कर वहां के मुख्यमंत्री योगी अदित्यानाथ से मुलाक़ात की है। ख़बर के मुताबिक ज़ायोनी शासन के राजदूत ने उत्तर प्रदेश के विकास में भरपूर सहयोग का मुख्यमंत्री योगी को आश्वासन दिया है। डेनियल कैरमन ने कहा है कि वह उत्तर प्रदेश के विकास परियोजनाओं में निवेश करने के लिए तैयार हैं। उल्लेखनीय है कि भारत में ज़ायोनी शासन के राजदूत ने ऐसे समय में उत्तर प्रदेश की यात्रा की है जब भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अगले महीने इस्राईल की यात्रा पर जा रहे हैं, जबकि मोदी की आगामी अवैध अधिकृत फ़िलिस्तीन की यात्रा का कई भारतीय संगठन लगातार विरोध कर रहे हैं।
रिपोर्ट के अनुसार मुख्यमंत्री योगी से मुलाक़ात से पहले इस्राईली राजदूत ने राज्यपाल राम नाईक से मुलाक़ात की। डेनियल कैरमन ने यूपी के राज्यपाल से भेंटवार्ता में इस्राईल द्वारा उत्तर प्रदेश में निवेश की बात कही। दूसरी ओर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी के साथ इस्राईली राजदूत से हुई मुलाक़ात का ब्योरा सामने नहीं आया है। बताया जाता है कि कट्टरपंथी हिन्दू गुट आरएसएस से इस्राईली की नज़दीकियों के कारण ही ज़ायोनी शासन भाजपा शासित राज्यों में पैर पसार रहा है। भारतीय टीकाकारों का मानना है कि इस्राईल के राजदूत का उत्तर प्रदेश दौरा विकास और निवेश से हटकर है जिसका असली उद्देश्य आने वाले समय में पर्दा उठेगा।
बताते चलें कि भारत और इसराइल की दोस्ती के 25 साल पुरे हो चुके हैं और इन सालों में भारत के अंदर आतंकवाद का खुला खेल मुस्लिम समाज के खिलाफ खेला गया है, बाबरी मस्जिद की शहादत से लेकर अनेक आतंकी वारदातें मुस्लिम समाज के विरुद्ध षड़यंत्र रच कर की गयीं, जिसमे इसराइल की भूमिका खुले तौर पर शामिल रही है| इसराइल अपने यहाँ मुस्लिम समाज पर जो अत्याचार और दमनकारी नीतियां अपनाता रहा है उनको भारत में भी यहाँ सरकारें अपनाती रही हैं| इसराइल का बीजेपी साशित राज्यों में सक्रिय होना मुसलमानों के खिलाफ किसी नये षड़यंत्र का हिस्सा हो सकता है|