मुझे अभिनय से प्रेम है, मैं चुनौतियां पसंद व्यक्ति हूँ : ऋतिक रोशन

नई दिल्ली|  अभिनेता ऋतिक रोशन ने पर्दे पर एक विकलांग व्यक्ति से लेकर एक मानसिक रोगी तक के कई किरदार निभाएं हैं और वह कहते है कि उन्हें कैमरे के पीछे जाने से भी कोई परहेज नहीं है क्योंकि उन्हें चुनौतियां पसंद हैं।

भविष्य में निर्देशन के क्षेत्र में जाने के प्रश्न पर बताया, “मुझे अभिनय से प्रेम है। यह मेरा जुनून है। हो सकता है कभी मुझे लगे कि यह कैमरे के पीछे जाने का सही समय है, मैं जरूर जाऊंगा। मैं ऐसा व्यक्ति हूं, जिसे चुनौतियां पसंद हैं।”

फिल्मकार राकेश रोशन के पुत्र ऋतिक ने 2000 की हिट फिल्म ‘कहो ना प्यार है’ से बॉलीवुड में पदार्पण किया था। हिंदी फिल्मों में एक दशक से भी अधिक समय से काम कर रहे ऋतिक ने ‘कभी खुशी कभी गम’, ‘कोई मिल गया’, ‘क्रिश’, ‘धूम 2′, ‘जोधा अकबर’ और ‘गुजारिश’ जैसी फिल्में की हैं। ऋतिक ने कहा, “मुझे अपना डेब्यू किए 17 साल हो चुके हैं और जब मैं पीछे मुड़ कर देखता हूं तो मुझे उन दिनों की बहुत याद आती है। मुझे बॉलीवुड ने काफी कुछ सिखाया है और मुझे एक बेहतर इंसान बनने में मदद की है। मेरे करियर में मुझे काफी पुरस्कार मिले हैं और मैं हर पल को संजो कर रखता हूं।” वह हर वर्ष अपनी नई फिल्म के साथ खुद को और अधिक विकसित महसूस करते हैं। इस सफर के दौरान क्या कुछ ऐसा जिसे वह बदलना चाहते हैं, इस पर ऋतिक ने कहा, “नहीं, बिल्कुल नहीं! मेरा अब तक का सफर बहुत शानदार रहा है और मुझे उम्मीद है कि आने वाले समय में मुझे और सफलताएं प्राप्त होंगी। मैं अब तक कुछ सबसे बेहतरीन फिल्मों का हिस्सा रहा हूं और मुझे सबसे प्रतिभाशाली लोगों के साथ काम करने का मौका मिला है।” 43 साल के ऋतिक कहते है कि वह अपने पेशेवर जिंदगी में कोई बदलाव नहीं लाना चाहते हैं। दो बच्चों के पिता ऋतिक कहते हैं, “मुझे किसी प्रकार का कोई पछतावा नहीं है और मैं कुछ भी बदलना नहीं चाहूंगा।” यह पूछे जाने पर कि क्या वह मानते हैं कि बॉलीवुड में एक नए दौर की शुरूआत हो रही है जहां संदेश और मुद्दों को उठाने वाली फिल्में व्यवसायिक फिल्मों को पीछे छोड़ रही हैं, ऋतिक ने कहा, “भारतीय सिनेमा विश्व में सबसे बड़ा है और हमेशा समय की कसौटी पर खरा उतरा है जो इसे अतुल्य बनाता है।” वह मानते हैं कि दर्शकों पर फिल्मों का बहुत असर पड़ता है। उन्होंने कहा, “सिनेमा मनोरंजन का सबसे बड़ा माध्यम है और यह लोगों पर बहुत बड़ा प्रभाव डालता है। आज के समय में फिल्में दर्शकों तक संदेश पहुंचाने का सबसे शक्तिशाली माध्यम हैं।”

हाल ही में घड़ियों के ब्रांड, राडो के ब्रांड एंबेसडर बनने वाले ऋतिक ने इसके बारे में भी आईएएनएस से बात की। उन्होंने इसी हफ्ते राडो के नए स्पोर्ट्स कलेक्शन को लांच किया है। उन्होंने कहा, “घड़ियां मेरी स्टाइल का बहुत अहम हिस्सा हैं। यह समय पर निगाह रखने के लिए बहुत आवश्यक हैं क्योंकि समय का सही इस्तमाल ही हमें सफल बनाता है।” खेलकूद को पसंद करने वाले ऋतिक ने कहा, “यह आपको अनुशासित और फिट रहना सिखाता है। मैं समझता हूं कि आज के समय में खेलों को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर काफी महत्व दिया जा रहा है।” –  (आईएएनएस)