शिवराज में उपवास कर रही मेधा पाटेकर की हालत बिगड़ी, सरकार मौन !

धार। सरदार सरोवर बांध से डूब में आने वालों के हक के लिए बीते तीन दशकों से लड़ाई लड़ रहीं नर्मदा बचाओ आंदोलन की नेता मेधा पाटकर और 11 अन्य का बेमियादी उपवास रविवार को 11वें दिन भी जारी है। उपवास करने वालों के स्वास्थ्य में लगातार गिरावट आ रही है। सरकार ने मेधा से चर्चा के लिए शनिवार को एक प्रतिनिधिमंडल भेजा था, मगर बात नहीं बनी। पूर्ण पुनर्वास के बाद ही विस्थापन की मांग को लेकर मेधा अन्य 11 लोगों के साथ 27 जुलाई से अनिश्चितकालीन उपवास पर हैं। वह धार के चिखिल्दा में उपवास पर बैठी हुई हैं।

मेधा को लगातार तमाम राजनीतिक, सामाजिक और साहित्यिक संगठनों का समर्थन हासिल हो रहा है। देशभर से उनसे उपवास खत्म करने की अपील की जा रही है  | जनता दल (युनाइटेड) के शरद यादव, पूर्व विधायक डॉ. सुनीलम के अलावा कई अन्य सांसद पत्र लिखकर या मौखिक तौर पर उनसे उपवास खत्म करने का आग्रह कर चुके हैं। राज्य सरकार ने शनिवार को पहली बार उनके साथ संवाद स्थापित करने की कोशिश की, लेकिन मेधा ने सरदार सरोवर के गेट खुलवाने की मांग की तो सरकारी अमले के हाथ-पांव फूल गए और उन्होंने अपनी बेबसी बताई कि यह उनके लिए संभव नहीं है, मुख्यमंत्री तक उनकी बात जरूर पहुंचा दी जाएगी। आखिरकार पांच घंटे चली चर्चा विफल रही। मेधा सीधे मुख्यमंत्री से संवाद करना चाहती हैं।

इस बीच, मेधा की सेहत बिगड़ती जा रही है। वह 11 दिन से सिर्फ पानी ले रही हैं। उन्हें मिलने वाले समर्थन का दायरा बढ़ता जा रहा है। इन स्थितियों ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को भी चिंता में डाल दिया है। लोग सवाल कर रहे हैं कि चौहान आंदोलनरत मेधा से बात करने को तैयार क्यों नहीं हैं।