मप्र: बच्ची के साथ दुष्कर्ष पर मिलेगा सजा—ए—मौत

भोपाल। मप्र कैबिनेट ने 12 वर्ष से कम उम्र की बच्ची के साथ दुष्कर्ष या फिर सामूहिक दुष्कर्म में मृत्यु दंड की सजा का प्रावधान करने के विधेयक को मंजूरी दे दी है। इसके लिए भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 376 में दो नई धाराएं 376 ए-ए तथा 376 बी-ए जोड़ी जा रही है। आरोपी पर एक लाख रुपए के अर्थदंड की सजा का प्रावधान भी होगा।

गृह विभाग ने 12 वर्ष से कम उम्र की बच्ची के साथ दुष्कर्म की घटना में आरोपी को मृत्यु दंड देने का एक प्रस्ताव तैयार कर कैबिनेट की पिछली बैठक में रखा था। किंतु कुछ मंत्रियों ने इस पर आपत्ति जताते हुए विधेयक में अपेक्षित सुधार करने को कहा था। इसके बाद यह विधेयक नामंजूर हो गया था।
किंतु मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की इसी विधानसभा शीत सत्र में इसे पारित कराने की घोषणा की वजह से रविवार को अवकाश होने के बाद भी कैबिनेट की बैठक आहूत कर उसमें मंजूरी दी गई। विधानसभा का शीत सत्र सोमवार 27 नवंबर से शुरू हो रहा है। ऐसे में विधेयक को मंजूरी मिलने के बाद विधानसभा में पारित कराया जाएगा।

सरकार के वरिष्ठ मंत्री जयंत मलैया ने इसके दुरूपयोग की संभावना पर कहा कि पूरी छानबीन के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। ऐसे में दुरूपयोग की संभावना नहीं के बराबर है। उन्होंने कहा कि देश में पहली बार मप्र सरकार इस तरह का कानून बनाने जा रही है। विधेयक पारित होने के बाद इसे राज्यपाल व राष्ट्रपति के पास मंजूरी के लिए भेजा जाएगा।

प्रावधान-
गृह विभाग ने दुष्कर्म की धारा 376 में दो नए प्रावधान 376 ए-ए तथा 376 बी-ए जोड़ने जा रही है। इसके तहत 12 वर्ष तक की उम्र की बच्ची के साथ दुष्कर्म पर मृत्यु दंड तथा सामूहिक दुष्कर्म पर मृत्यु दंड व अन्य कठोर सजा दी जाएगी।
आरोपी पर एक लाख रुपए तक के जुर्माने की सजा भी होगी। लोक अभियोजक को सुनवाई का अवसर दिए बगैर आरोपी को जमानत नहीं दी जा सकेगी।
महिला अपराधों में भी सख्त सजा
सरकार ने महिला अपराधों खासकर शादी का प्रलोभन देकर दुष्कर्म करने जैसे अपराध को दंडनीय अपराध की श्रेणी में रखा जा रहा है।
इसके लिए आईपीसी की धारा 493 क जोड़ा जा रहा है। महिलाओं के साथ छेड़छाड़, पीछा करने जैसे अपराध में भी सख्त कानून बनाने तथा संशोधन करने का प्रस्ताव विधेयक में किया गया है।