‘गौ-रक्षक नहीं ये नरभक्षी’, मोदी ने राज्यों से कहा- करें सख्त कार्यवाही

नई दिल्ली। देश में गौ रक्षा के नाम पर तेजी से बढ़ रही घटनाओ और मुस्लिमो को निशाना बनाने के मामलो पर सरकार की होती किरकिरी से पीएम मोदी ने खुद ही गौ रक्षा के नाम पर हिंसा करने वालो पर सख्त कार्यवाही की बात कही है, पिछले दिनों  पीएम ने साबरमती आश्रम में भी यही बात कही थी | पीएम के चिंता जताने के बावजूद गौ-रक्षको की गुंडागर्दी कम नही हुई थी |  पीएम नरेंद्र मोदी ने रविवार को ऑल पार्टी मीटिंग में कहा कि गोरक्षा के नाम पर हिंसा करने वालों के खिलाफ सख्त कार्यवाही होगी। पीएम ने कहा कि गोरक्षा के लिए देश में भावनाएं हैं। मीटिंग के बाद मीडिया से बातचीत में केंद्रीय मंत्री अनंत कुमार ने मोदी के बयान की जानकारी दी। कुमार के मुताबिक पीएम ने कहा- गोरक्षा के नाम पर हिंसा करने वालों के खिलाफ कठोर से कठोर कार्यवाही करेंगे। प्रेसीडेंट इलेक्शन का जिक्र करते हुए मोदी ने कहा कि अगर सर्वसम्मति से चुनाव होता तो बेहतर होता। मोदी ने राज्यों से कहा कि वो गोरक्षा के नाम पर कानून तोड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्यवाही करें क्योंकि लॉ एंड ऑर्डर राज्यों के पास होता है। मोदी ने ये भी कहा कि गोरक्षा मामले को सियासी या कम्युनल रंग नहीं दिया जाना चाहिए क्योंकि इससे देश को कोई फायदा नहीं होगा। मोदी ने कहा कि गाय को माता माना जाता है लेकिन इसका मतलब ये नहीं कि लोग कानून को अपने हाथ में लें। पीएम ने नॉर्थ-ईस्ट के राज्यों में बाढ़ के हालात पर चिंता जताई।
‘गोरक्षक नहीं ये नरभक्षी’
यूनियन मिनिस्टर रामदास अठावले ने कथित गोरक्षकों को नरभक्षी बताया है। शुक्रवार को मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा- हर किसी को बीफ खाने का हक है। आठवले का यह बयान नागपुर में बीफ ले जाने के शक में एक शख्स की पिटाई किए जाने के मामले में आया। आठवले ने कहा कि “हिंसक गोरक्षक” मोदी सरकार की इमेज खराब कर रहे हैं। उन्होंने ऐसे लोगों को सख्त सजा देने की मांग की। उन्होंने कहा, “हर किसी को बीफ खाने का हक है। बकरे का मांस महंगा है इसलिए लोग बीफ खाते हैं। मैं नागपुर की घटना की निंदा करता हूं। गोरक्षकों के नाम पर किसी को नरभक्षक बनने का हक नहीं है।” उन्होंने कहा कि गोरक्षकों को कानून अपने हाथ में लेने का हक नहीं है। ऐसे हिंसक गोरक्षकों को सजा मिलनी चाहिए।
मोदी ने किया था सवाल- ये कैसी गोरक्षा?
बता दें कि गोरक्षा के नाम पर देशभर में हो रही हिंसा पर पिछले महीने नरेंद्र मोदी ने दुख जताया था। साबरमती आश्रम में उन्होंने कहा था, “क्या हमें गाय के नाम पर किसी इंसान को मारने का हक मिल जाता है? क्या ये गो-भक्ति है? क्या ये गोरक्षा है? ये गांधीजी-विनोबाजी का रास्ता नहीं हो सकता। हम कैसे आपा खो रहे हैं? क्या गाय के नाम पर इंसान को मार देंगे?” मोदी ने देश में बढ़ती हिंसा के तीन उदाहरण भी दिए थे।

सवाल फिर भी यही है कि भगवा चोला ओड़ गौ रक्षा के नाम पर खुली गुंडागर्दी करने वाले तथा मुस्लिमो को निशाना बनाने वाले अराजक तत्व क्या पीएम मोदी की बात मानेंगे ?