शर्मनाक : मोदीराज में भी गत्ते में भेजे गए शहीदों के शव, सोशल मीडिया पर हो रही किरकिरी

मोदी सरकार में भी शहीदों के शवो के साथ गैर जिम्मेदराना व्यवहार करने के मामले ने सोशल मीडिया पर सरकार की किरकिरी करा दी है |  शुक्रवार को हुए इस हादसे में सेना के सात जवान मारे गए हादसे को लेकर जहां लोगों ने दुख प्रकट किया वहीं जिस तरह शवों को रखा गया उसे लेकर लोगों में काफी गुस्सा भी है। अरुणाचल प्रदेश के तवांग में वायुसेना का Mi -17 V5 हेलिकॉप्टर हादसे का शिकार हो गया था। सोशल मीडिया पर एक तस्वीर वायरल हुई है जिसमें प्लास्टिक में लिपटे कार्डबोर्ड के बॉक्स में रखे शव हैं सोशल मीडिया पर लोग सवाल कर रहे हैं कि क्या शहीदों के ऐसा व्यवहार किया जाना चाहिए  ?
हालांकि सेना ने इसे ‘भूल’ के तौर पर स्वीकार किया और भविष्य में ऐसा नहीं होने की भी बात कही। एक ख़बर के मुताबिक अधिकारियों का कहना है कि पास के बेस से उस समय बॉडी बैग या ताबूत लाने का समय नहीं था क्योंकि शव खुले में पड़े हुए थे ऐसे में उस दौरान उपलब्ध सबसे बेहतर संसाधन का इस्तेमाल किया गया।

ये मामला उस समय ज्यादा भड़क गया जब लेफ्टिनेंट जनरल एच एस पनाग ने अपने ट्विटर हैंडल @rwac48 से क़रीब 24 घंटे पहले एक तस्वीर पोस्ट की पनाग ने लिखा ‘बीते दिन देश की सेवा में सात जवान बाहर निकले और कुछ इस तरह वापस आए’ पनाग ने एक और फोटो पोस्ट की है जिसमें शवों को किस तरह रखा गया है नज़र आ रहा है एक अन्य तस्वीर शेयर करते हुए पनाग ने लिखा है ये है सही बॉडी बैग पनाग ने ट्वीट करके इस बात पर भी ज़ोर दिया कि शवों को ले जाने के लिए सही बॉडी बैग का इस्तेमाल किया जाना चाहिए।  सोशल मीडिया पर एक ओर जहां आम लोगों ने शवों के साथ हुए इस व्यवहार पर नाराज़गी जताई वहीं क्रिकेटर गौतम गंभीर ने भी तीखा हमला किया |

नितिन अरोड़ा लिखते हैं कि आज एयरफोर्स डे है और श्रद्धांजलि देने का यह तरीक़ा पूरी तरह ग़लत है चौंकाने वाला और अपमानजनक। ये ट्वीट उन्होंने कल किया था इसके अलावा भी बहुत से लोगों ने प्रतिक्रियाएं दी हैं हालांकि बाद में इस पूरे मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए इंडियन आर्मी ने भी ट्वीट किया उन्होंने लिखा कि शवों को इस तरह स्थानीय संसाधनों में रख कर भेजा जाना भूल है। इसके बाद एक और ट्वीट किया गया कि मारे गए जवानों को हमेशा पूरा सम्मान दिया गया है उनके शवों को बॉडी बैग लकड़ी के बक्से या ताबूत में ले जाया जाए इसे सुनिश्चित किया जाएगा।