मोदी सरकार नहीं दे रही कोई हिसाब-किताब : कांग्रेस

हैदराबाद। कांग्रेस नेता राजीव शुक्ला ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार के शासन में कृषि क्षेत्र के बुरी तरह तबाह होने का आरोप लगाते हुए आज कहा कि उनकी पार्टी भाजपा की ‘‘कृषि-विरोधी मानसिकता’’ के खिलाफ देशव्यापी विरोध प्रदर्शन करेगी। शुक्ला ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘..कृषि क्षेत्र मोदी शासन में बुरी तरह प्रभावित हुआ है। जिस तरह से किसानों को उनके बकाये से वंचित किया जा रहा है, जिस तरह से किसान आत्महत्या कर रहे हैं, जिस तरह से एमएसपी में कटौती की गयी है, ऐसा कभी नहीं हुआ था और यही एकमात्र ऐसा समुदाय है जो पूरी तरह संकट में है।’’ मोदी सरकार पर किसानों के प्रति बिल्कुल असंवेदनशील होने का आरोप लगाते हुए शुक्ला ने मांग की कि केंद्र किसानों के प्रति संवेदनशील बने अन्यथा कांग्रेस जल्द देशव्यापी प्रदर्शन शुरू करेगी। उन्होंने तेलंगाना के मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव की भी किसानों की गिरफ्तारी और राज्य के खम्मम जिले में उन्हें हथकड़ी पहनाये जाने की आलोचना की। शुक्ला ने कहा, ‘‘तेलंगाना में किसानों की स्थिति कमजोर है। केसीआर ने मोदी सरकार के समान नीतियां अपनायी हैं। कांग्रेस इस मुद्दे को उठायेगी और इसके खिलाफ सड़कों पर लड़ाई लड़ेगी।’’ उनके अनुसार कांग्रेस ही एकमात्र ऐसी पार्टी है जिसने किसानों के मुद्दे पर लड़ने का फैसला किया है। उन्होंने कहा, ‘‘जब तक किसानों को न्याय नहीं मिलता हम लोग उनके मुद्दे पर लड़ना जारी रखेंगे।’’

एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए कांग्रेस नेता ने कहा कि हर दिन देश में 35 संकटग्रस्त किसान खुदकुशी कर रहे हैं और वर्ष 2014 में जब से मोदी सरकार सत्ता में आयी है, 14,000 से अधिक किसान आत्महत्या कर चुके हैं। किसान कर्जमाफी पर उन्होंने कहा कि संप्रग सरकार ने किसानों का 80,000 करोड़ रुपये का कर्ज माफ किया था और आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने अपने ‘कारोबारी मित्रों’ का 1.54 लाख करोड़ रुपये का कर्ज माफ किया है। शुक्ला ने आरोप लगाया, ‘‘भाजपा सरकार कर्ज में डूबे किसानों को बचाने के लिये तैयार नहीं है और वह उनके लिये ‘किसान कर्ज माफी’ से इनकार कर रही है।’’ प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना पर शुक्ला ने आरोप लगाया कि इसका लाभ किसानों को नहीं बल्कि महज कुछ निश्चित कंपनियों को ही मिल रहा है। शुक्ला ने दावा किया, ‘‘आप ‘कृषि कल्याण सेस’ और ‘स्वच्छ भारत सेस’ लगा रहे हैं। वो पैसा कहां जा रहा है। मोदी सरकार इसका ‘हिसाब-किताब’ नहीं दे रही है। यह एक गंभीर मामला है। आखिर पैसा कहां जा रहा है, इस बारे में कोई नहीं जानता।’’