मन की बात में बोले मोदी- मन से भी निकालें लालबत्ती का लोभ

नई दिल्ली। पीएम नरेंद्र मोदी ने रविवार को ‘मन की बात’ के 31वें एपिसोड में लालबत्ती के प्रति लोगों के गुस्से का जिक्र किया। पीएम ने कहा कि सरकार ने लालबत्ती हटाने का फैसला किया है। अब इसे प्रयोग करने वाले लोग गाड़ी से ही नहीं बल्कि मन से भी लालबत्ती का लोभ हटाएं।
पीएम ने साथ ही कहा कि न्यू इंडिया में अब VIP की जगह EPI का जोर रहेगा। हमारे देश में वीआईपी कल्चर के खिलाफ गुस्सा है। लाल बत्ती सिर्फ गाड़ी पर नहीं, बल्कि दिमाग पर लग जाती थी लेकिन दिमाग में लाल बत्ती अभी निकली नहीं होगी। सामान्य मानवी इसे पसंद नहीं करता है। सरकारी निर्णय से लाल बत्ती का गाड़ियों से हटना एक प्रक्रिया का हिस्सा है, लेकिन इसे मन से निकालना ज्यादा जरूरी है। वीआईपी की जगह ईपीआई का महत्व बढ़े। ईपीआई मतलब ऐवरी पर्सन इज इम्पॉर्टेंट।
सुझाव देना हमारे यहां स्वभाव का हिस्सा है। शुरुआत में हमारी टीम को लगता था कि ये लोगों की आदत है लेकिन बाद में हमने पाया कि ये लोग देश को आगे बढ़ाने में प्रयत्नरत हैं। कुछ लोग अपने विचारों को व्यापक रूप देने के लिए सुझाव देते हैं। पीएम ने उन सुझाव देने वालों के प्रति आभार व्यक्त किया। पिछली बार फूड वेस्ट को बचाने के बारे में बात की थी, उसके बाद पता चला कि देश के युवा भी इस समस्या को दूर करने की कोशिश कर रहे हैं। कई जगह रोटी बैंक चल रहे हैं। समाज के सहयोग से कैसे काम होता है, यह हमने करके दिखाया है।

श्रमिक दिवस पर कही ‘मन की बात’
हम अपनी परंपराओं को याद करते रहें, इससे हमें प्रेरणा मिलती है। इस बार हम रामानुजाचार्य की 1000 वीं जयंती मना रहे हैं। उन्होंने 1000 साल पहले दलितों को मंदिर में प्रवेश कराया था। सरकार उनकी याद में एक स्टैम्प रिलीज करने जा रही है। एक मई को दुनिया में श्रमिक दिवस मनाते हैं। आज श्रमिकों को जो आदर मिला है उसके लिए बाबा साहेब भीम राव आंबेडकर को याद करना स्वभाविक है। 12 वीं शताब्दी में एक संत ने कन्नड़ भाषा में श्रमिकों के बारे में बताया था। जिसमें उन्होंने ‘श्रम ही शिव है’ की बात कही। मजदूर दिवस के मौके पर बीएमएस के दत्तोपंत जी ठेंगड़ी को भी याद करना जरूरी है। एक तरफ माओवाद कहता था मजदूरों एक हो जाओ। ठेंगड़ी जी कहते थे कि मजदूरों, आओ दुनिया को एक करें।
पशु-पक्षियों को गर्मी से बचाएं
पीएम ने कहा, एक समय था जब क्लाइमेट चेंज सिर्फ अकैडमिक कार्यक्रम होता था लेकिन अब समय बदल गया है। इस बार लोगों ने गर्मियों में उन्हें क्या करना चाहिए इस पर अपने सुझाव दिए हैं। कई लोगों ने पक्षियों की चिंता करते हुए छत पर उनके लिए पानी रखने की बात कही। बच्चे इस काम को बखूबी करते हैं, लेकिन उन्हें इसका मतलब पता होना चाहिए। पीएम ने देशवासियों से कहा कि पशु पक्षियों के साथ लगाव अलग अनुभव कराया। कुछ दिनों पहले गुजरात के एक व्यक्ति ने गौरैया की कम हो रही संख्या पर अपनी चिंता व्यक्त की।
पीएम ने कहा, बोहरा समाज के प्रमुख के 100 साल पूरे होने पर बर्ड फीडर दुनिया भर में वितरित किए थे। अक्सर हमारे घर अखबार वाला या सब्जीवाला आता है, लेकिन हम उसे इस गर्मी में पानी के लिए पूछना भी भूल गए हैं। इस परंपरा को फिर से शुरु करने की जरूरत है।

गुजरात और महाराष्ट्र का स्थापना दिवस
एक मई को गुजरात और महाराष्ट्र का स्थापना दिवस है। पीएम ने दोनों राज्यों को शुभकामनाएं दीं। पीएम ने दोनों राज्यों के महापुरुषों को भी याद किया। पीएम ने दोनों राज्यों के लोगों को आगे बढ़ने की शुभकामना दी।
युवा नई जगह जाएं, नए अनुभव लें
हमारी युवा पीढ़ी को कम्फर्ट जोन में जिंदगी बिताने में ही आनंद आता है। अब परिक्षाएं समाप्त हो चुकी हैं। छुट्टियों की प्लानिंग हो चुकी होगी। पीएम ने छुट्टियों के लिए सुझाव दिए। पीएम ने नई स्किल का अनुभव लें, न्यू प्लेसेज और न्यू एक्सपीरियंस का अनुभव लें। इस वेकेशन में अपनी जिज्ञासा को जानने के लिए वक्त दीजिए। रिजर्वेशन लिए बिना साधारण टिकट लेकर 24 घंटे भीड़ वाले डिब्बे में जाकर देखिए। जो अनुभव 6 महीने में नहीं मिला होगा वो 24 घंटे में मिलेगा। कभी गरीब बच्चों के बीच जाकर खेल खेलिए। किसी एक ऐसी संस्था के साथ जुड़िए जो यह सब करती है।
बुद्ध पूर्णिमा जानें बुद्ध के विचार
विश्व आज जिन समस्याओं से जूझ रहा तो बुद्ध के विचार प्रासंगिक लगते हैं। बुद्ध पूर्णिमा के मौके पर यूएन द्वारा कार्यक्रम मनाया जाता है। इस साल यह कार्यक्रम श्रीलंका में होगा। जिसमें मुझे बुद्ध के जीवन को और करीब से जानने का मौका मिलेगा। सबका साथ सबका विकास का अर्थ सिर्फ भारत के लिए नहीं बल्कि पूरी दुनिया के लिए है। 5 मई को भारत दक्षिण ऐशिया सेटलाइट लॉन्च करेगा। यह उपग्रह हमारे क्षेत्र को आगे बढ़ाने में मदद करेगा। दक्षिण ऐशियाई देशों का इस प्रयास के लिए स्वागत करता हूं।
टेक्नॉलाजी दूरियां कम करने के लिए जरूरी
बिना पैसे लिए ऐसे लोगों को सिखाएं जो आपने सीखा है। टेक्नॉलाजी दूरियां कम करने के लिए आईं, लेकिन इससे घर वालों से ही दूरियां बढ़ गईं। आज प्रतिस्पर्धा का युग है। छुट्टियों में भी कोचिंग क्लास होने लगते हैं। जीवन के सपने होना अच्छी बात है, लेकिन यह भी देखिए कि कहीं हम मानवीय गुणों से दूर तो नहीं हो रहे हैं। टेक्नॉनजी से थोड़ा दूर होकर नई भाषा सीखें, कोई वाद्य यंत्र सीखें। अपने भीतर की भावनाओं की व्यक्त करना सीखें। गाड़ी चलाना सब सीखते हैं, लेकिन क्या ऑटो चलाना भी सीखते हैं। आउट ऑफ बॉक्स कुछ सीखें।
दुनिया को देखने से जो सीखने को मिलता है वह कभी नहीं सीखा जा सकता है। नई जगह और नए लोगों से मिलें। पीएम ने कहा कि आप जब ऐसी जगह जाएं और सीखें तो #incredibleIndia टैग कर मुझसे फोटो शेयर करें। अपनी छुट्टियों में लोगों को कुछ सिखाकर पैसे भी कमाए जा सकते हैं। अगर आप भीम ऐप से किसी और को जोड़ें और वो तीन ट्रांजेक्शन करें तो आपके खाते में 10 रुपये आएंगे। इससे वेकेशन के साथ कमाई भी होगी।

-एजेंसी