योगी ने कहा मोदी का अपराध मुक्त UP बनाने का सपना करेंगे पूरा

वाराणसी। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि पिछली संप्रग सरकार में प्रतिदिन घोटाले उजागर होते थे जबकी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के तीन वर्ष के शासन में विपक्ष को उॅंगली उठाने का एक भी मौका नहीं मिला है। प्रदेश की सरकार भी मोदी के पदचिन्हों पर चलने के लिए वचनबद्ध है। आदित्यनाथ ने शुक्रवार को कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने ‘सबका साथ सबका विकास’ व अपराध मुक्त उत्तर प्रदेश का सपना देखा है। पीएम मोदी का यह सपना अवश्य पूरा किया जायेगा। उन्होंने कहा कि यूपी को जंगलराज से उबारने के लिए वर्तमान प्रदेश सरकार वचनबद्ध है। उन्होंने केन्द्र सरकार की तीन साल की उपलब्धियों को दर्शाने वाली प्रदर्शनी के उद्घाटन के बाद यहां जनसभा को सम्बोधित करते हुए कहा कि देश के आजाद होने के बाद भारत में जो भी विदेशी राष्ट्राध्यक्ष आते थे उन्हें स्मृति चिन्ह के रूप में ताजमहल की प्रतिमा दी जाती थी, लेकिन पीएम मोदी ने व्यवस्था में बदलाव किया है। वर्ष 2014 के बाद से पीएम मोदी जहां भी गये हैं और जिन राष्ट्राध्यक्षों को भेंट दी है वह गीता या रामायण होती है। मोदी ने देश का सम्मान विश्व पटल पर बहुत बढ़ाया है।

योगी ने कहा कि काशी दुनिया की सबसे प्राचीनतम नगरी है। सारी दुनिया में काशी का डंका बज रहा है। महामना मालवीय, संत रामानंद, आदि शंकराचार्य, रविदास जी सभी काशी से जुड़े थे। काशी में इतना ज्ञान छिपा है कि विदेश के लोग यहां पर आकर शोध करते हैं। सीएम योगी ने कहा कि काशी इतनी न्यारी है कि जो भी यहां पर आता है यहीं का होकर रह जाता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के तीन साल के कार्यकाल को ऐतिहासिक बताते हुए मुख्यमंत्री कहा कि तीन वर्ष में उन्होंने जितना कार्य किया, आजादी के बाद से अब किसी सरकार ने नहीं किया। भाजपा सरकार ने जनहित से जुड़ी योजनाओं का लाभ पंक्ति के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाया है। उप्र में भाजपा को भारी बहुमत और लोकप्रियता इसका प्रत्यक्ष प्रमाण है।
सपा सरकार पर हमलावर होते हुए सीएम बोले कि केंद्र की योजनाओं को पूर्ववर्ती सरकार ने क्रियान्वित नहीं होने दिय। अब उन्हें शहर से गांव तक पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि विरासत में बिगड़े हुए हालात और अपराध का बोलबाला मिला था, इसे दुरुस्त किया जा रहा है। उत्तर प्रदेश में कानून का शासन कायम होगा और अपराधी सलाखों के पीछे होंगे। घटनाओं को रोकने और कानून व्यवस्था कायम रखने के लिए अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गये हैं।