मिस्र में हिंसा की बढ़ती घटनाओं से पर्यटन उद्योग प्रभावित हुआ है

नई दिल्ली | पिछले छह सालों से मिस्र में हिंसा की बढ़ती घटनाओं से पर्यटन उद्योग प्रभावित हुआ है, लेकिन सरकार द्वारा किए गए सुरक्षा उपायों से स्थिति सुधरी है और पर्यटन एक बार फिर गुलजार हुआ है। मिस्र के एक पर्यटन अधिकारी ने यह जानकारी दी। इजिप्टियन टूरिस्ट अथॉरिटी (ईटीए) के अध्यक्ष हेशम अल डेमेरे ने यहां बताया, “इस बात को नकारा नहीं जा सकता कि राजनीतिक अशांति, आतंकवाद और विमान दुर्घटनाओं से पर्यटन उद्योग प्रभावित हुआ है। लेकिन अब सुरक्षा की स्थिति में सुधार है और हम हर तरह के उपाय कर रहे हैं।”

साल 2015 के अक्टूबर में रूस से मिस्र के शर्म-अल-शेख आ रहे एक विमान पर आईएस के हमले में 224 यात्री मारे गए थे, जिसके बाद रूस समेत कई यूरोपीय देशों ने मिस्र जानेवाले विमानों पर प्रतिबंध लगा दिया। बाद में ये प्रतिबंध हटा लिए गए, लेकिन दो देशों -रूस और ब्रिटेन- ने अभी तक प्रतिबंध जारी रखा है। डेमेरे ने कहा, “दोनों देशों के साथ हमारे अच्छे संबंध हैं। हम उनके फैसले का सम्मान करते हैं और हम उनकी जरूरतों के मुताबिक कड़ी मेहनत कर रहे हैं।” उन्होंने आगे कहा, “पहले रूस से हर साल 30 लाख से ज्यादा यात्री आते थे और यूरोप से होनेवाला व्यापार कुल व्यापार का 75 से 80 फीसदी था। लेकिन अब स्थिति काफी खराब है।”

साल 2015 में 1,15,000 भारतीय पर्यटकों ने मिस्र की यात्रा की। डेमेरे ने बताया कि पिछले साल मिस्र आनेवाले पर्यटकों की संख्या में 30 फीसदी का इजाफा हुआ है और भारत से आनेवाले पर्यटकों की संख्या में 185 फीसदी तेजी आई है। उन्होंने कहा, “यह काफी नहीं है। भारत में मिस्र के पर्यटन को बढ़ावा देने का कारण हमारी संस्कृतियों में समानता है।” उन्होंने कहा कि ब्रिटेन, जर्मनी, इटली और रूस जहां शीर्ष बाजार हैं, वहीं भारत भी एक महत्वपूर्ण बाजार है।