मेरठ : चर्चित सपा नेता अतुल प्रधान का कोर्ट में सरेंडर, लोग बोले, ‘न्याय की आवाज़ दबा रही योगी सरकार’

आकाश पांडेय/ मेरठ । यूपी की युवा और छात्र राजनीति के चर्चित चेहरे अतुल प्रधान ने आखिरकार मेरठ कोर्ट में सरेंडर कर दिया । एसएसपी मंजिल सैनी के पुलिस द्वारा उन्हें गिरफ्तार करने के मंसूबे धरे रह गए । कोर्ट के बार हजारों नौजवानों और लोगो का अतुल के समर्थन में हुजूम उमड़ पड़ा और जमकर नारेबाजी की । समाजवादी टोपी पहने अतुल प्रधान को कोर्ट ने न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया । पुलिस का तमाम लाव-लश्कर अतुल को गिरफ्तार करने को लगा था लेकिन अतुल ने सीधे कोर्ट में सरेंडर कर पुलिस के मंसूबो पर पानी फेर दिया ।

मंगलवार को पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के करीबी और कई मामलों में वांछित चल रहे सपा के चर्चित नेता अतुल प्रधान ने मंगलवार को मीडिया को संबोधित कर बीजेपी के साथ-साथ पुलिसवालों पर भी भेदभाव के साथ काम करने का आरोप लगाया। सपा नेता अतुल प्रधान ने मेरठ पुलिस और पुलिस प्रशासन पर सवाल उठाते हुए कहा कि एससी सिटी को उन्हीं के दफ्तर में धमकी देने वाले बीजेपी नेता पर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही है। उन्होंने कहा भाजपा के लोग थानों में घुसकर गुंडई कर रहे हैं, लेकिन उन पर कोई कार्रवाई नहीं होती। इस दौरान अतुल के समर्थकों का भारी हुजूम कोर्ट परिसर में उमड़ा और अतुल के समर्थन में नारेबाजी करता रहा । अतुल प्रधान के समर्थकों ने योगी सरकार द्वारा हक और अधिकार की आवाज़ को दबाने का रिप लगाया है । पुनीत बैंसला ने कहा कि अतुल प्रधान नौजवानों और आमजन की आवाज़ बुलंद करते हैं यही सरकार को खल रहा है । सीसीएस यूनिवर्सिटी के छात्र संघ अध्यक्ष राजदीप विकल ने योगी सरकार को तानाशाही सरकार बताते हुए कहा कि भाजपा के इशारे पर प्रशासन अन्याय कर रहा है । उन्होंने कहा कि अतुल प्रधान यूपी का शेर है, नौजवान और मेरठ की जनता उनके साथ है ।

पिछले एक माह से अधिक समय से अतुल प्रधान मेरठ से बाहर थे । अतुल प्रधान को कोर्ट ने पेश होने के नोटिस दिए थे, जिसके चलते मंगलवार को अतुल प्रधान ने खुद को कोर्ट में सरेंडर किया है। अतुल प्रधान को 9 मुकदमों में जमानत मिल गई है, जबकि दो मुकदमों में वारंट रिकॉल किए गए है। इसके अलावा कोर्ट ने मुकदमा धारा 353 और 332 के तहत जेल भेज दिया है।

बताते चलें कि कुछ दिनों पहले अतुल प्रधान का विवादित भाषण सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था। एनकाउंटर में मारे गए बागपत निवासी सुमित गुर्जर को लेकर अतुल प्रधान ने भाजपा विधायक संगीत सोम पर निशाना साधते हुए एनकाउंटर करने वाले इंस्पेक्टर के दो टुकड़े करने की बात कही थी। यह मामला लखनऊ तक पहुंच गया था। इसके अतिरिक्त गंगा मेले पर हस्तिनापुर थाना क्षेत्र के मखदूमपुर में तीन नवंबर को अतुल प्रधान ने एक कार्यक्रम की पुलिस से परमिशन मांगी थी। कार्यक्रम था ‘सुमित गुर्जर एनकाउंटर में एक दिया उसके नाम’ इस कार्यक्रम के लिए पुलिस ने परमिशन देने से इंकार कर दिया था। इस कार्यक्रम के अतुल प्रधान ने पोस्टर भी लगाये थे। लेकिन रात के समय अतुल प्रधान ने मंच लगाकर भाषण दिया। भाजपा विधायक संगीत सोम से अतुल का छत्तीस का आंकड़ा है ।