BJP के दवाब में अतुल प्रधान पर गिरफ्तारी की तलवार, अतुल बोले- ‘अन्याय के खिलाफ जारी रहेगा संघर्ष’

मेरठ । भाजपा की सरकार आने के बाद यूपी में अब बदले की राजनीति चरम पर है । समाजवादी सरकार के सीएम अखिलेश यादव के करीबी रहे पश्चिम की राजनीति के उभरते चेहरे मेरठ के अतुल प्रधान के खिलाफ भाजपा सरकार आते ही कई मामले दर्ज हो गए हैं । चौ चरण सिंह यूनिवर्सिटी के छात्र संघ चुनाव में भी अतुल प्रधान को पुलिस प्रशासन ने सुनियोजित तरीके से दूर रखा और उनके मेरठ में दिखते ही गिरफ्तारी के आदेश दे दिए । अतुल के न आने का परिणाम यह हुआ कि छात्र सभा का अध्यक्ष पद के लिए प्रत्याशी सिर्फ 2 वोट से चुनाव हार गया । अब अतुल प्रधान को लेकर पुलिस के रवैये से नई नई चर्चाएं शुरू हो गयी हैं । मेरठ की कप्तान आईपीएस मंजिल सैनी ने पुलिस को अतुल के मेरठ में दिखते ही गिरफ्तारी के आदेश दिए हैं, इतना ही नही गत दिनों तो मंजिल सैनी ने मेरठ के एक थानेदार से अतुल के आने के बावजूद बच निकलने पर लाईन हाजिर करने तक की कह दिया था ।

बताते चलें कि आईपीएस मंजिल सैनी सपा सरकार के तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की गुडबुक में रही हैं । मथुरा, इटावा, लखनऊ जैसे महत्वपूर्ण जिलों की कप्तान रही हैं । अब मंजिल सैनी अखिलेश यादव के ही करीबी अतुल प्रधान की गिरफ्तारी के लिए सख्त रुख अपनाए हुए हैं ।लोग इसे सत्ता का असर मान रहे हैं । लोग भाजपा के एक बड़े नेता और वर्तमान में विधायक जिससे अतुल प्रधान का छत्तीस का आंकड़ा जगजाहिर है के इशारे पर अतुल के खिलाफ हो रही कार्यवाही को बदले की कार्यवाही मान रहे हैं । युवा नेता पुनीत बैंसला कहते हैं कि अतुल प्रधान नौजवानों, छात्रों और गरीबो के नेता है ,उनकी लोकप्रियता से मठाधीशों की चूले हिल गयीं हैं, इसलिए बदले की भावना से कार्यवाही हो रही है । वह कहते हैं कि अतुल प्रधान मेरठ की आवाज़ हैं यदि अतुल प्रधान के साथ ज्यादती हुई तो युवा चुप नही बैठेगा ।

वहीं अतुल प्रधान कहते हैं कि गरीबो, मजदूरों, नौजवानों की आवाज़ वह दमदारी से उठाते रहेंगे । उन्होंने कहा कि पुलिस किसके इशारे पर क्या कर रही है सब जानते हैं लेकिन वह चुप नही बैठेंगे । अन्याय के खिलाफ संघर्ष जारी रहेगा । हालांकि अतुल प्रधान अभी मेरठ से बाहर हैं और अभी लोकल की राजनीति से दूरी बनाए हुए हैं ।