BJP-RSS के लोग नहीं चाहते दलित अपना इतिहास याद रखें : मायावती

लखनऊ | उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री एवं बहुजन समाज पार्टी अध्यक्ष मायावती ने बुधवार को कहा कि महाराष्ट्र के पुणे में जातीय हिंसा के लिए भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने मांग की है कि दलितों की सुरक्षा के इंतजाम नहीं किए गए हैं। सरकार को सुरक्षा का पुख्ता इंतजाम करना चाहिए।

मायावती ने बुधवार को एक बयान में पुणे हिंसा के लिए भाजपा और आरएसएस को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा, “हिंसा के पीछे बीजेपी और आरएसएस का हाथ है। दलितों की सुरक्षा के इंतजाम नहीं किए गए। ये जो घटना घटी है रोकी जा सकती थी। सरकार को वहां सुरक्षा का उचित प्रबंध करना चाहिए था।” मायावती ने इस घटना की निंदा करते हुए कहा, “भाजपा और आरएसएस के लोग नहीं चाहते कि दलित अपने इतिहास को याद रखें। वहां बीजेपी की सरकार है और उन्होंने हिंसा कराई। लगता है इसके पीछे बीजेपी, आरएसएस और जातिवादी ताकतों का हाथ है। इस घटना में मृतक युवक के परिवार के प्रति गहरा शोक व दु:ख व्यक्त करते हुए मायावती ने कहा कि मृतक परिवार की हर संभव मदद के साथ-साथ इस घटना में घायलों की भी समुचित सहायता सरकार को करनी चाहिए तथा दोषी लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी तत्काल करनी चाहिए ताकि जातिवादी लोग ऐसी दुस्साहस दोबारा नहीं कर सकें, लेकिन सरकार के रवैये को देखते हुए इसकी उम्मीद कम ही नजर आती है।

उन्होंने कहा कि भाजपा के वर्तमान शासनकाल में दलितों पर बर्बर जातिवादी व्यवहार व जुल्म-ज्यादती की जितनी भी दर्दनाक घटनाएं राष्ट्रीय स्तर पर चिंता का कारण बनी हैं उनमें से भी किसी मामले में दलितों को न्याय नहीं मिल पाया है और न ही दोषियों को सख्त सजा ही मिल पाई है, जिसका परिणाम है कि भाजपा के ऐसे जातिवादी तत्वों के हौसले काफी ज्यादा बुलंद हैं और वे लोग कानून-व्यवस्था को अपना बंधक बनाकर रखे हुए हैं।