BSP : दिग्गज नेताओं के काम से मायावती नाराज, लिए यह बड़े फैसले-

लखनऊ | बसपा सुप्रीमो मायावती ने एक बार फिर संगठन में बड़ा उलटफेर किया है। बसपा संगठन को मजबूत बनाने के लिए एक माह पहले प्रदेश को चार सेक्टरों में बांटा गया था। इस व्यवस्था को समाप्त करते हुए अब प्रत्येक दो मंडल पर एक सेक्टर बनाया गया है। हर सेक्टर के प्रभारी बनाए गए हैं। एक महीने पहले दी गई जिम्मेदारी ठीक से न निभाने वालों को हटाया भी गया है।

सर्वसमाज को संग्ठन से जोड़ा जाए-
बसपा सुप्रीमो ने बैठक में सेक्टवार बनाए गए नए प्रभारियों को निर्देश दिया कि संगठन में सर्वसमाज को जोड़ा जाए। खासकर दबे-कुचलों को तरजीह दी जाए। संगठन को मजबूत किए बिना आगे नहीं बढ़ा जा सकता है। वर्ष 2022 में यूपी में होने वाले विधानसभा चुनाव की तैयारियां अभी से शुरू कर दी जाएं। इसमें किसी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए।

प्रभारियों के कामों से संतुष्ट नहीं-
बसपा सुप्रीमो माल एवेन्यू स्थित पार्टी कार्यालय में रविवार को प्रदेश पदाधिकारियों की बैठक बुलाई। इसमें वरिष्ठ पदाधिकारियों के साथ सभी जिलाध्यक्षों को बुलाया गया। मायावती ने एक माह पहले 6 नवंबर को प्रदेश को चार भागों में बांटते हुए सेक्टर व्यवस्था लागू की थी। कुछ सेक्टर में छह तो कुछ में पांच मंडल रखे गए। उन्होंने बैठक में एक माह में सेक्टरवार हुए कामों की समीक्षा की। समीक्षा के दौरान अधिकतर सेक्टर प्रभारियों के कामों पर नाराजगी जताई। संगठन को और प्रभावी बनाने के लिए बड़े सेक्टरों को छोटा करते हुए प्रत्येक दो मंडल पर एक सेक्टर बनाने का फैसला किया गया। सभी सेक्टर प्रभारियों को निर्देश दिया है कि वो अपने कामों को ठीक से करें।

नए सेक्टर- प्रभारी व सह प्रभारी-
लखनऊ- कानपुर: भीमराव अम्बेडकर, अशोक कुमार गौतम, चिंतामणि
फैजबाद-देवीपाटन: मुनकाद अली, दिनेश चंद्रा, जितेंद्र कुमार गौतम
गोरखपुर-बस्ती: पूर्व सांसद धनश्याम चंद्र खरवार, सुधीर कुमार भारती, सुरेश कुमार गौतम, डा. बलराम
प्रयागराज-मिर्जापुर: मुनकाद अली, आरएस कुशवाहा, लालबहादुर रत्नाकर
वाराणसी-आजमगढ़: पूर्व सांसद धनश्याम चंद्र खरवार, रामचंद्र गौतम, डा. मदन राम, इंदल राम
आगरा-अलीगढ़: नौशाद अली, राजकुमार गौतम, सूरज सिंह
मुरादाबाद-बरेली- सांसद गिरीश चंद्र जाटव, पूजन प्रसाद
चित्रकूट-झांसी- आरएस कुशवाहा, लालाराम अहिरवार, भूपेंद्र आर्य
सहारनपुर-मेरठ: डॉ. कमल, सतपाल पिपला