मायावती : विरोधी पार्टियों को लगता है बसपा से डर

लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने बुधवार को भारतरत्न बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर की पुण्यतिथि पर श्रद्धाजंलि अर्पित की। पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने राजधानी लखनऊ स्थित माल एवेन्यू प्रदेश कार्यालय में डा. अम्बेडकर की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें याद किया और बाबा साहेब के सपनों और जाति-विहीन समाज के निर्माण के लिए सत्ता की चाबी प्राप्त करने के दृढ़संकल्प दोहराया। डा. अम्बेडकर की पुण्यतिथि पर प्रदेश के सभी 18 मण्डलों में संगोष्ठी व अन्य कार्यक्रम आयोजित किये गये।

पार्टी मुख्यालय पर मायावती ने डा. अम्बेडकर को याद करते हुए कहा कि अगर ‘पूना-पैक्ट‘ की साज़िश सफल नहीं होती तो आज लोकसभा, विधानसभा, मेयर व अन्य आरक्षित सीटों पर विरोधी पार्टियों में बंधुआ मजदूर बने नेताओं के जीतने के बजाय दलित व ओ.बी.सी. समाज के असली हितैषी व बाबा साहेब डा. अम्बेडकर के सच्चे अनुयायी प्रत्याशी ही चुनाव जीतते।

मायावती ने कहा कि विरोधी पार्टियों की सरकारों ने कभी डा. अम्बेडकर को समुचित सम्मान नहीं दिया और उनके अनुयाइयों को जुल्म-ज्यादती व हिंसा का शिकार बनाया है। लेकिन बी.एस.पी. ने उन्हें सम्मान दिया। आज बसपा ही शोषित समाज की असली हितैषी व बाबा साहेब की सच्ची अनुयायी है। यही कारण है कि विरोधी पार्टियों के लाख साम, दाम, दण्ड, भेद आदि हथकण्डों का सामना करते हुये पार्टी का कारवाँ इतना मजबूत बना हुआ है कि सत्ताधारी शक्तियाँ इससे घबराती व डरती हैं क्योंकि उन्हें असली खतरा बी.एस.पी. से ही लगता है।