दोहरे हत्याकांड में निर्दोष साबित हुए मुख़्तार अंसारी, जल्द हो सकते हैं रिहा

मऊ। वर्षो से जेल में कैद बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी को बड़ी राहत मिली है | आठ साल पुराने दोहरे हत्याकांड में मुख्तार अंसारी को कोर्ट ने निर्दोष करार दिया है | अब मुख्तार के रिहा होने की उम्मीदें बड गयी हैं |  वर्ष 2009 के ठेकेदार अजय प्रकाश सिंह उर्फ मन्ना सिंह और उनके सहयोगी की हत्या के मामले में मऊ की फास्ट ट्रैक कोर्ट ने मुख्तार अंसारी समेत सात लोगों को बरी कर दिया। कोर्ट ने इस हत्याकांड में दो लोगों को दोषी ठहराया है। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट नंबर एक आदिल आफताब अहमद ने मुख्तार अंसारी सहित सभी 11 आरोपियों को व्यक्तिगत रूप से न्यायालय में हाजिर होने का आदेश दिया था। मुख्तार अंसारी को कड़ी सुरक्षा के बीच कोर्ट के समक्ष पेश किया गया। कचहरी परिसर और उसके आसपास सुरक्षा के व्यापक बंदोबस्त किए गए थे।
पुलिस कर्मियों को सादे वेश में तैनात किया गया था। कचहरी परिसर में आने-जाने वाले लोगों पर कड़ी नजर रखी जा रही थी। इसके अलावा मोबाइल सीसीटीवी कैमरे लगाकर निगरानी की गई। अन्य जिलों से भी फोर्स मंगाई गई थी। मुख्य गेट से कचहरी में आने वाले लोगों की तलाशी ली जा रही थी। बता दें कि शहर कोतवाली क्षेत्र के गाजीपुर तिराहे के पास स्थित यूनियन बैंक के सामने 29 अगस्त 2009 को ठेकेदार अजय प्रकाश सिंह उर्फ मन्ना सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। गोली लगने से उनके चालक शब्बीर शाह और साथी राजेश राय भी घायल हुए थे। बाद में राजेश राय की इलाज के दौरान मौत हो गई।
घटना के बाबत हरेंद्र सिंह की तहरीर पर शहर कोतवाली में अज्ञात हत्यारोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई थी। पुलिस ने विवेचना के बाद सदर विधायक मुख्तार अंसारी, उमेश सिंह, रजनीश सिंह, संतोष सिंह, राकेश कुमार पांडेय, अमरेश, अनुज कन्नौजिया, हनुमान कन्नौजिया सहित 11 लोगों के खिलाफ आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल किया था। अभियोजन की ओर से 16 गवाहों को पेश किया गया। वही बचाव पक्ष से भी चार गवाह पेश किए गए। पक्षकारों की बहस की सुनने के बाद एडीजे ने अपना फैसला सुनाया।
-एजेंसी