कश्मीर में MI-17 हेलीकॉप्टर क्रैश मे शहीद हुए मथुरा और कानपूर के दो लाल, शोक की लहर

लखनऊ | सीमा पर हवाई सुरक्षा के दौरान एमआई-17 हेलीकॉप्टर क्रैश हो गया, जिसमें उत्तर प्रदेश के दो लाल शहीद हो गए। कश्मीर के बड़गाम में क्रैश हुए हेलीकॉप्टर में मथुरा के लाल कारपोरल पंकज कुमार सिंह और कानपुर के कारपोरल दीपक पांडेय शहीद हो गए। दोनों के घरों में जब सूचना पहुंची तो कोहराम मच गया। खबर मिलते ही प्रदेश के औद्योगिक विकास मंत्री सतीश महाना शहीद दीपक के घर पहुंचे और परिजनों को ढांढस बंधाया।  

पंकज की तीन साल पहले हुई थी शादी
कश्मीर में चॉपर क्रैश में शहीद पंकज कुमार सिंह के पिता नौहझील क्षेत्र के गांव जरैलिया निवासी रिटायर्ड सूबेदार मेजर नौहबत सिंह मथुरा के बालाजीपुरम-सारंग बिहार में रहते हैं। उनके पुत्र पंकज कुमार सिंह एयरफोर्स के मेंटेनेंस डिपार्टमेंट में कॉरपोरल पद पर तैनात थे। बुधवार दोपहर 2:45 बजे नौहबत सिंह के पास विंग कमांडर प्रवीन कुमार का फोन आया। फोन पर विंग कमांडर ने बताया कि बुधवार को एक ऑपरेशन के दौरान चॉपर (हेलीकॉप्टर) क्रैश होने से पंकज शहीद हो गए। इसमें छह लोग सवार थे। 

पंकज कुमार सिंह ने 27 मार्च 2012 को एयरफोर्स ज्वाइन की थी। वर्ष 2015 में पंकज की शादी बुलंदशहर के रसूलपुर निवासी मेघा चौधरी के साथ हुई थी। पंकज के एक डेढ़ वर्ष का बेटा है। मंगलवार शाम को आखिरी बार पंकज की अपने माता-पिता और पत्नी से बात हुई थी। बातचीत में पंकज ने परिवार में सभी की कुशलता के बारे में जानकारी ली। पंकज दो फरवरी को 15 दिन की छुट्टी समाप्त करके वापस ड्यूटी पर गए थे।

शहीद कारपोरल दीपक पांडेय के घर मचा कोहराम-
कानपुर के कारपोरल दीपक पांडेय चकेरी क्षेत्र के मंगला विहार के रहने वाले थे। परिवार के इस इकलौते चिराग की शहादत की खबर जैसे ही कानपुर उनके घर पहुंची तो कोहराम मच गया। उनके पिता राम प्रकाश पांडेय निजी नौकरी से सेवानिवृत्त हो चुके हैं। खबर मिलते ही प्रदेश के औद्योगिक विकास मंत्री सतीश महाना शहीद दीपक के घर पहुंचे और परिजनों को ढांढस बंधाया।    

बुधवार दोपहर करीब एक बजे रामप्रकाश पांडेय के पास श्रीनगर एयरबेस से एक फोन आया, जिसमें उन्हें बताया गया कि एमआइ-17 चॉपर क्रैश हो गया है, जिसमें उनके बेटे दीपक भी सवार थे। इस हादसे में उनकी मौत हो गई है। इकलौते बेटे के निधन की खबर सुनकर घर में कोहराम मच गया। परिजनों ने बताया कि दीपक पांच साल पहले ही भारतीय वायु सेना का हिस्सा बने थे। इस समय उनकी तैनाती श्रीनगर एयरबेस में थी। शहादत की खबर मिलते ही शहीद दीपक पांडेय के घर लोगों की भीड़ जमा होनी शुरू हो गई।