मध्य आय वर्ग (MIG) के तहत घर खरीदारों को बड़े तोहफे का ऐलान

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने मध्य आय वर्ग (एमआईजी) के तहत घर खरीदारों को बड़े तोहफे का ऐलान किया है। सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी के तहत इस श्रेणी के लिए घरों के कारपेट एरिया में बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी है। इससे अब 150 वर्ग मीटर तक का घर खरीदने वालों को भी सब्सिडी मिलेगी।

केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक के बाद इसकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि एमआईजी-1 श्रेणी के तहत मकानों के कारपेट एरिया को 90 वर्ग मीटर से बढ़ाकर 120 वर्ग मीटर किया गया है। एमआईजी-2 श्रेणी के तहत एरिया को 110 वर्ग मीटर से बढ़ाकर 150 वर्ग मीटर कर दिया गया है। एमआईजी-1 श्रेणी के तहत छह से 12 लाख के बीच सालाना आय वालों को नौ लाख रुपये तक कर्ज लेने पर ब्याज में चार प्रतिशत की छूट है।इसी तरह एमआईजी-2 श्रेणी के तहत 12 से 18 लाख रुपये की वार्षिक आय वाले लोगों को 12 लाख रुपये तक के ऋण लेने पर ब्याज में तीन फीसदी की राहत मिली हुई है।

यह सब्सिडी एक जनवरी 2017 से शुरू हुई थी और 31 मार्च 2019 तक दी जाएगी। प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी के तहत केंद्र सरकार वर्ष 2022 तक देश के सभी गरीबों को घर उपलब्ध कराना चाहती है। एक आकलन के अनुसार, शहरी भारत में करीब एक करोड़ घरों की कमी है।
सरकार के इस कदम का रियल एस्टेट संस्थाओं ने स्वागत किया है। केंद्रीय शहरी विकास मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि इस फैसले से ज्यादा लोग एमआईजी योजना के तहत घर खरीदने के लिए आगे आएंगे।

वहीं नेशनल रियल एस्टेट डेवलपमेंट काउंसिल (नरेडको) के चेयरमैन राजीव तलवार और अध्यक्ष निरंजन हीरानंदनी ने कहा कि इस फैसले से एमआईजी श्रेणी में हजारों घर खरीदारों के सपने पूरे हो सकेंगे। इसे बिक्री के तैयार घरों को बेचने में मदद मिलेगी, साथ ही बिल्डर नए प्रोजेक्ट भी लाएंगे।

चार आईसीडीएस कार्यक्रम जारी रहेंगे
केंद्र सरकार ने एकीकृत बाल विकास योजना के तहत चार कार्यक्रमों को अगले साल नवंबर तक जारी रखने को स्वीकृत दे दी है। इनमें आंगनवाड़ी सेवा, सबला-किशोर लड़कियों के लिए कार्यक्रम, बाल सुरक्षा सेवा और राष्ट्रीय क्रेच योजना शामिल है।
सरकार की ओर से जारी बयान के अनुसार, राष्ट्रीय पोषण मिशन के लिए अलग से मंजूरी ली जाएगी। इन सभी कार्यक्रमों पर नवंबर 2018 तक 41000 करोड़ की लागत आएगी।

पोलैंड के साथ हवाई सेवा में सहयोग को मंजूरी
मोदी कैबिनेट ने नागरिक उड्डयन क्षेत्र में सहयोग के लिए भारत और पोलैंड के बीच सहमति पत्र (एमओयू) को मंजूरी दे दी। यह एमओयू पांच साल के लिए है।
बयान के अनुसार, इस एमओयू का मकसद नागरिक उड्डयन खासकर भारत में क्षेत्रीय हवाई सेवा में सुधार करना है।
केंद्र अदालतों के ढांचागत विकास की योजना जारी रखेगी
केंद्र सरकार ने निचली अदालतों के ढांचागत विकास की योजना को जारी रखने का फैसला किया है। इसके तहत सरकार 3000 कोर्ट रूम के निर्माण में मदद करेगी। साथ ही अधीनस्थ अदालतों के न्यायिक अधिकारियों के लिए 1800 आवास के निर्माण में भी सहयोग देगी।
सरकार ने इस योजना को 31 मार्च 2020 तक यानी 12वीं पंच वर्षीय योजना तक बढ़ाने का निर्णय किया है। इस पर 3320 करोड़ का खर्च आने की उम्मीद है। सरकार ने जियो टैगिंग के साथ ऑनलाइन निगरानी प्रणाली की स्थापना को भी मंजूरी दी है।