लखनऊ : योगी सरकार के खिलाफ छात्रों की हुंकार, पुलिस का लाठीचार्ज

लखनऊ | यूपी में योगी सरकार को बने अभी दो माह ही हुए हैं लेकिन छात्रों और नौजवानों में सरकार के खिलाफ आक्रोश बड़ता जा रहा है | सहारनपुर में दलितों के उत्पीडन और प्रदेश में लूट, हत्या, बलात्कार के बढ़ते मामलो से युवाओं में आक्रोश है | बुधवार को सैंकड़ो छात्रों ने राजधानी में प्रदर्शन किया और विधानसभा घेराव करने के लिए निकले | विस घेरने जा रहे छात्रों को पुलिस ने जमकर लाठियाया | योगी की पुलिस  ने छात्राओं को भी नहीं बख्शा और उनसे भी अभद्रता की | छात्रों और नौजवानों को पुलिस ने  गिरफ्तार कर लिया और बाद में मामके को तूल पकड़ता देख रिहा किया | समाजवादी पार्टी ने छात्रो और नौजवानों पर पुलिस के  बर्बर व्यवहार की निंदा की है | बुधवार को छात्रों और नौजवानों के प्रदर्शन ने आने वाले समय में योगी सरकार के खिलाफ बड़े स्तर पर होने वाले विरोध के संकेत दे दिए हैं |

प्रदर्शन में गिरफ्तार किए गए समाजवादी पार्टी के विधायक सुनील सिंह यादव ‘साजन‘, ऋचा सिंह (पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष इलाहाबाद विश्वविद्यालय) पी.डी. तिवारी, बृजेश यादव, डा0 राजेश यादव, रोहित शुक्ला, चौधरी चंदन सिंह, छात्र नेता अंकित सिंह बाबू ,  दिलीप यादव, जय प्रताप यादव, राकेश यादव, विपेन्द्र यादव, अनिल, मनोज यादव, अपूर्वा वर्मा आदि प्रमुख रहे।
रिहा होने के बाद छात्र नेत्री ऋचा सिंह ने कहा कि पुलिस ने छात्राओं  एवं महिलाओं के साथ अपमान जनक दुव्र्यवहार किया और शांतिपूर्ण प्रदर्शन पर बिना किसी कारण के बल प्रयोग किया। पुलिस का रवैया पूर्णतया प्रतिशोधात्मक है।  उत्तर प्रदेश में भाजपा सरकार का यह रवैया पूर्णतया जनविरोधी है। इसका संपूर्ण आचरण रागद्वेष से प्रभावित हैं। विपक्ष के प्रति ऐसा असहिष्णु रवैया अपनाया जाना निहायत अनुचित और असंवैधानिक है।

विरोध प्रदर्शन पर सपा  प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी ने कहा है कि सहारनपुर के शब्बीरपुर एवं चंद्रपुर में हुई हिंसा तथा छात्रों-नौजवानों सहित महिलाओं पर बढ़ रहे अत्याचारों के विरोध में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे समाजवादी छात्र सभा एवं अन्य युवा संगठनों के कार्यकर्ताओं के साथ आज हजरतगंज, लखनऊ में पुलिस ने जो बर्बर व्यवहार किया वह निंदनीय है और भाजपा सरकार की अलोकतांत्रिक मानसिकता का प्रदर्शन है। शासन-प्रशासन का यह रवैया संविधान में प्रदत्त अधिकारों के विरूद्ध है।  प्रदेश सरकार के 70 दिन के कार्यकाल में बढ़ती अराजकता, दलितों के उत्पीड़न, महिलाओं से बलात्कार, लूट एवं हत्या की घटनाओं से जनता में भारी अंसतोष है। जनाक्रोश को लेकर सैकड़ों छात्र-नौजवान ने विधानभवन तक शांतिपूर्ण मार्च निकालकर सरकार को ज्ञापन देने जा रहे थे लेकिन पुलिस ने अंबेडकर प्रतिमा एवं महात्मा गांधी पार्क के पास ही अवरोधक लगाकर लाठी चार्ज करना शुरू कर दिया।