गिरफ़्तारी के विरोध में AMU छात्रों का एलान : ‘शरजील को छोड़ो वरना ऐसा होगा, जिसका अंदाजा नहीं होगा ‘

अलीगढ | एएमयू कैंपस में भड़काऊ भाषण देने और देशद्रोह के आरोप में बिहार से गिरफ्तार किए गए जेएनयू छात्र शरजील इमाम की गिरफ्तारी के विरोध में मंगलवार शाम को एएमयू में छात्रों का आक्रोश फूट पड़ा। कैंपस में देर शाम शरजील की गिरफ्तारी के विरोध में मार्च निकाला गया और उसकी रिहाई की मांग की गई। एलान किया गया कि अगर उसे जल्द रिहा नहीं किया गया तो ऐसा कुछ होगा, जिसका अंदाजा किसी ने नहीं लगाया होगा। एएमयू प्रशासन ने इस मार्च की निंदा करते हुए इसमें शामिल छात्रों को चिह्नित करने और उन पर कार्रवाई करने की बात कही है।

16 जनवरी को जेएनयू का छात्र शरजील इमाम एएमयू में बाब ए सैयद पर चल रहे धरना स्थल पर आया था। यहां पर शरजील इमाम ने कहा कि अगर चिकन नेक (असम और पूर्वोत्तर) को भारत से अलग कर दिया जाए तो भारत सरकार को झुकाया जा सकता है। साथ ही कहा कि यहां की पटरियों और सड़कों पर इतना मवाद भर दो कि साफ करने में ही दो महीने निकल जाएं। इसके अलावा अन्य भड़काऊ बातें कहीं।

शरजील की गिरफ़्तारी की जानकारी जब एएमयू छात्रों को हुई तो उनमें आक्रोश फैल गया। देर शाम सभी लाइब्रेरी के पीछे कैंटीन पर इकट्ठा हुए और गिरफ्तारी के विरोध में मार्च निकालने का फैसला लिया गया। लाइब्रेरी से डक पॉंड तक मार्च निकाला गया। इस दौरान मोदी, योगी, भाजपा, अमित शाह मुर्दाबाद, कब्र खुदेगी आदि नारे लगे। इनसे आजादी मांगने के भी नारे लगे। प्रदर्शन करने वालों ने शरजील की रिहाई की मांग की। एलान किया कि अगर जल्द ही रिहा नहीं किया गया तो बहुत गंभीर परिणाम होगा। ऐसा कुछ होगा, जिसका अंदाजा किसी ने नहीं लगाया होगा।

अमुवि प्रवक्ता ने कहा है कि देशद्रोह के आरोपी जेएनयू छात्र शरजील इमाम को लेकर जो मार्च कैंपस में निकाला गया है, विश्वविद्यालय उसकी निंदा करता है। एएमयू इसको राष्ट्रविरोधी गतिविधि मानता है। इस कार्य में जो भी लोग शामिल हुए हैं उनको चिह्नित करने का काम शुरू कर दिया गया है। उनके खिलाफ विश्वविद्यालय नियमानुसार कार्रवाई करेगा