किसानों की बदहाली के लिए केंद्र और प्रदेश सरकार जिम्मेदार: अखिलेश यादव

समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने किसानों की बदहाली के लिए केन्द्र और प्रदेश सरकार की नीतियों को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि किसानों से किए वायदे  पूरे नहीं किए  गए । इटावा सफारी पार्क में अपने परिवार के साथ भ्रमण करने आये पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव यहां संवादाताओं से बातचीत कर रहे थे।  यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुुए कहा कि उनकी वजह देश का किसान परेशान है और सडक़ पर आंदोलने करने के लिए मजबूर  हैं। उन्होंने कहा कि अपनी फसल का वाजिब दाम मांगने वाले किसानों को गोलियों से मारा जा रहा है, जबकि चुनाव के समय किसानों का कर्जा माफ करने की बात कही गयी थी| लेकिन आज तक किसानों का कर्जा माफ नहीं हो सका।  उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था बेहाल है और आये दिन सर्राफा कारोबारियों की हत्या एवं लूट की घटनाएं हो रही है। उन्होंने कहा कि सैफई के विकास को लेकर भाजपा वाले खासे नाराज हैं और बुरी तरह बौखलाएं हुए है। प्रधानमंत्री अपने भाषण में कहते हैं कि सपा ने सारे काम सैफई के लिये ही किये हैं। उन्होंने कहा कि हमारा सवाल मोदी और योगी दोनो से है कि आपके हाथ में सत्ता है सारे देश और प्रदेश के गांवों को सैफई जैसा बना दो। आप लोगों को किसने रोका है लेकिन कम से कम सैफई के विकास पर सवाल तो  मत  उठाओ । यादव ने आलू किसानों की बरबादी का जिक्र करते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने किसानों को धोखा दिया। आलू किसानों के लिये जो वायदा किया था वो पूरा नहीं किया। उन्होंने कहा कि बूचडख़ानों को बंद करने के नाम पर सरकार ने मुसलमानों को बदनाम करने का काम किया जिसमें हिन्दू भाई भी काम कर रहे। अगर देखा जाए जितने बूचडख़ानों के मालिक है उनमें से अधिक भाजपा के नेता ही है। समाजवादी पार्टी को मजबूत करने का मंत्र देते हुए उन्होंने कहा कि अगर आपने बूथ को जीता लिया तो आपकी पार्टी बहुत मजबूत दिखाई देगी। सपा अध्यक्ष ने कहा कि 2019 के लोकसभा चुनाव बेहद महत्वपूर्ण होने वाले हैं क्योंकि आपके सामने ऐसी चुनौती है एक ओर वो दल होगा जो लोगों को बहलाकर वोट हासिल करना चाहता है और एक ओर वो दल होगा जिसे आप समाजवादी कहते हैं। समाजवादी आपका भला चाहता है इसलिए किसानों का भला चाहते हो तो 2019 के संसदीय चुनाव जीतना जरूरी है क्योंकि अब प्रधानमंत्री वही बनेगा जो उत्तर प्रदेश चाहेगा। उन्होंने कहा कि पहले तो यह बात माननी चाहिए कि जनता ने सरकार को बडा बहुमत दिया है और इतना बहुमत किसी सरकार को नहीं मिल सकता जितना इस बार भाजपा सरकार को बहुमत मिला है। उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था आज बडा सवाल बना हुआ है लेकिन पहले ही दिन जिस दिन से सरकार बनी है सरकार के लोगों ने झाडू पकड ली है। उन्होंने कहा कि सवाल झाडू का नहीं है झाडू के बाद उसका कूडा कहॉ जायेगा यह बडा सवाल उठ खडा हुआ है। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि रोमियो वाला मामला चला जो अब पूरी तरह से खत्म हो गया है जिसकी कार्रवाई की जद में सबसे ज्यादा अगर कहीं के लोग आये हैं तो वो है मुख्यमंत्री योगी के क्षेत्र गोरखपुर के हैं। मथुरा की घटना अभी लोग भूले नहीं हैं कि मैनपुरी की घटना ने सभी को हिला कर रख दिया। जालौन उरई की घटना का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा  सरकार ऐसी घटनाओं को रोक पाने की स्थिति में नहीं है। इलाहबाद और नोएडा के जेवर की घटनाएं कानून-व्यवस्था की ओर इशारा कर रही हैं। उन्होंने कहा कि विकास के मामले में सरकार उत्तर प्रदेश को आगे ले जाये ऐसा काम किये जाने चाहिए। सहारनपुर की घटना में सत्तारूढ दल का सांसद और विधायक का सीधा हाथ था लेकिन कार्रवाई किस पर हो रही है यह तो सब जानते ही होंगे। ओवरलोडिंग को लेकर बांदा का किस्सा तो आपका पता ही है कि भाजपा विधायक ही अपनी सरकार के खिलाफ धरने पर बैठ गये। इटावा में भी ओवरलोभडग नहीं हो रही होगी अगर हो रही है तो फिर सरकार में बैठे लोगों को कार्रवाई के लिए आगे आना चाहिए।