किसान मसीहा की जयंती पर विरासत और विचारधारा को बचाये रखने के लिए एकजुट दिखे नेता और किसान !

नई दिल्ली । कृषि प्रधान देश कहे जाने वाले भारत मे किसानों की दुर्दशा से नेता और किसान दोनों हलकान है । देश के किसानों को सम्मान दिलाने वाले और तरक्की का रास्ता दिखाने वाले किसान मसीहा पूर्व पीएम चौ चरण सिंह के जन्मदिवस 23 दिसंबर के अवसर पर उनकी विचारधारा और विरासत बचाने के लिए देशभर के नेता और किसान चिंतित दिखाई दिए । वर्तमान की राजनीति में किसानों की अनदेखी और किसान विरोधी निर्णयों की भरमार से जहां किसानों में हताशा का माहौल है तो वहीं किसानों और मजदूरों की लड़ाई लड़ने वाले नेताओं में भी हलचल मची हुई है । किसान दिवस के अवसर पर विभिन्न पार्टियों के नेताओं को राष्ट्रीय लोकदल ने कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में आमंत्रित किया तो चौ चरण सिंह को याद करने नेता एक मंच पर आ खड़े हुए । किसानों की दशा पर तो मंथन हुआ ही साथ ही सामाजिक सद्भाव पर भी नेता खुलकर बोले और एकजुट होने का आव्हान किया । मोदी सरकार पर भी जमकर निशाना साधा ।

कार्यक्रम के संयोजक राष्ट्रीय लोकदल के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौ अजित सिंह ने चौधरी चरण सिंह जी को श्रदांजलि अर्पित करते हुए कहा कि भाजपा और मोदी सरकार किसानों को बर्बाद करने पर तुली हुई है, लगातार किसान विरोधी निर्णय लिए जा रहे हैं । उन्होंने कहा कि मोदी ने 2014 के लोकसभा चुनावों में किसान आयोग बनाने और प्रत्येक जिले में किसान कल्याण कोष बनाने का वायदा किया था अब उस वायदे का क्या हुआ ? उन्होंने कहा कि देश के किसानों को मोदी ने धोखा दिया है ।

देश के वरिष्ठ नेता शरद यादव ने चौधरी साहब की विचारधारा और विरासत को बचाने के लिए सभी की एकजुटता पर बल दिया और कहा कि मुजफ्फरनगर दंगे द्वारा सुनियोजित षड्यंत्र के तहत चौ चरण सिंह के लोगो को लड़ाने का काम किया गया । उन्होंने कहा कि एक दौर था जब मुजफ्फरनगर के किसान बिहार, उड़ीसा सहित देश के अन्य राज्यों की सरकार चलाते थे । सामाजिक सद्भाव को बनाने की जरूरत है ।

रालोद युवराज जयंत चौधरी ने राजनीति के वर्तमान हालातो पर चर्चा करते हुए कहा कि नौजवानों और किसानों का यकीन राजनीति से कम हुआ है । मोदी सरकार अपने वायदों से मुकर रही है । उन्होंने विस्तृत रूप से चौ चरण सिंह जी की नीतियों पर चर्चा भी की । सम्मेलन में सीपीआई नेता प्रकाश करात, कांग्रेस नेता आनंद शर्मा, सपा नेता रामगोपाल यादव, रालोद महासचिव त्रिलोक त्यागी ने भी अपने विचार रखें । विशेष बात यह रही कि सभी नेताओं ने भाजपा से लड़ने के लिए एकजुटता पर बल दिया और चौ चरण सिंह की विचारधारा को सहेजे रखने का संकल्प लिया। हजारों किसानों का सैलाब यहां उमड़ा और किसानों की लड़ाई को नेताओं से दमदारी से उठाने का आव्हान किया ।