किसानो की आवाज दबाने के लिए अमित शाह के इशारे पर काम कर रहे केजरीवाल व AAP : अलका लांबा

नई दिल्ली | किसान आंदोलन को लेकर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल पर कांग्रेस की चर्चित नेता अलका लांबा ने बड़ा हमला बोला है | अलका लांबा ने मंगलवार को प्रेस कांफ्रेंस कर केजरीवाल सरकार की नीयत पर सवाल हुआ कहा है कि जब नीति आयोग ने केन्द्र सरकार द्वारा बनाए गए कृषि सुधार क़ानूनों पर दिल्ली सरकार से फीडबैक मांगा तो केजरीवाल सरकार ने इन क़ानूनों को किसानों के हित में बताया। इतना ही नहीं उन्होंने इन क़ानूनों को सबसे पहले दिल्ली में लागू किया।

अलका लांबा ने कहा कि अगर दिल्ली के मुख्यमंत्री किसानों की रक्षा और सुरक्षा से चिंतित थे, तो उन्होंने भाजपा शासित राज्यों हरियाणा और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्रियों को पत्र क्यों नहीं लिखे ? अलका ने पूछा कि मोदी सरकार द्वारा 5 जून, 2020 को किसान विरोधी कृषि कानूनों को अधिसूचित किए जाने पर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल क्यों चुप रहे और दिल्ली सरकार को तीन कानूनों में से एक का समर्थन करने की क्या जल्दी थी? उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री अरविंद ने न तो ट्वीट किया, न ही कानून के खिलाफ कोई प्रेस बयान दिया. वास्तव में, अरविन्द केजरीवाल व आम आदमी पार्टी किसानों की आवाज को दबाने और किसान आंदोलन को कमजोर करने के लिए एक सक्रिय पार्टी की भूमिका रही है, जिसने गृहमंत्री अमित शाह के इशारे पर काम किया है.

अलका लांबा ने कहा कि 26 जनवरी को किसान आंदोलन में हिंसा भड़काने के आरोपी भाजपा कार्यकर्ता दीप सिद्धू पर भी केजरीवाल सरकार अपना रुख स्पष्ट नहीं कर पाई है। उन्होंने कहा कि कोरोना काल में तब्लीग़ी जमात के मरकज़ पर मुकदमा दर्ज कराने वाली केजरीवाल सरकार दिल्ली में हिंसा भड़काने वाले दीप सिद्धू पर ज़ुबां क्यों नहीं खोल रही है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष किसान आंदोलन में होने वाली हिंसा पर केजरीवाल की चुप्पी पहली बार नहीं है बल्कि बीते वर्ष जब दिल्ली में दंगे हुए तो उस वक्त भी अरविंद केजरीवाल तमाशबीन बने रहे, और चुप्पी साधे रखी।

कांग्रेस नेत्री अलका लांबा ने कहा कि “किसानों आंदोलन को मात्र सत्ता तक पहुँचने की सीढ़ी ही समझ लेने वाले अरविंद केजरीवाल अपने ‘कथित’ मूल्यों और किये गए वायदों से समझौता इसलिए कर रहे हैं क्योंकि उनकी आम आदमी पार्टी अब भाजपा की ‘B’ टीम में रूपांतरित हो चुकी है !” अलका लांबा ने कहा कि केजरीवा ने पंजाब के मुख्यमंत्री को तो लव लैटर लिखा लेकिन हरियाणा और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को लव लैटर क्यों नहीं लिखा। उन्होंने सवाल किया कि आखिर आपका सारा का सारा ध्यान पंजाब पर ही क्यों है? जबकि पंजाब सरकार पहले दिन से ही किसान आंदोलन के साथ है।