कासगंज हिंसा के विरोध में AMU छात्रों का मार्च, कैंपस को पुलिस ने बनाया छावनी

अलीगढ़ । कासगंज हिंसा के बाद अब देशभर में योगी और भाजपा सरकार के खिलाफ विरोध के स्वर उठने लगे हैं । कासगंज में पुलिस की एकतरफा कार्यवाही और ज्यादती के खिलाफ मंगलवार को अमुवि के छात्रों ने विरोध मार्च निकाला । कलक्ट्रेट घेरने की चेतावनी अलर्ट जिला प्रशासन ने अमुवि कैंपस को छावनी में तब्दील कर दिया और बाब-ए-सय्यद गेट पर ही छात्रों का ज्ञापन ले लिया । विरोध मार्च में योगी और मोदी सरकार क्व खिलाफ छात्रों ने जमकर आक्रोश व्यक्त किया ।

अमुवि छात्र संघ के सचिव मो फहद के नेतृव में निकले इस मार्च में छात्र संघ के अध्यक्ष मशकूर अहमद उस्मानी, उपाध्यक्ष सज्जाद सुब्हान राथर , पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष फैज़ुल हाँ, छात्र नेता कुंवर अहमद सहित सैंकड़ो छात्र शामिल हुए । छात्र नेताओं ने एकजुट होकर कासगंज हिंसा में द
मृतक के परिजनों को 50 लाख रूपये देने और घायलों को भी आर्थिक मदद देने की मांग रखी । छात्र नेताओं ने धर्म को टारगेट बनाकर पुलिसिया कार्यवाही करने की भी भर्त्सना की । योगी और मोदी सरकार को हिंसा का जिम्मेदार ठहराते हुए पीड़ितों को निष्पक्ष न्याय की मांग रखी ।

राष्ट्रपति को भेजे ज्ञापन में छात्र नेताओं ने कासगंज हिंसा की सीबीआई जांच भी कराने की मांग की । इसस दौरान पुलिस को कलेक्ट्रेट घेरने की सूचना से प्रशासन एलर्ट था । पुलिस ने अमुवि सर्किल से लेकर बाब-ए-सय्यद तक फोर्स ही फोर्स तैनात कर दिया । पुलिस इतनी की कैंपस छावनी में तब्दील हो गया । जिसने भी देखा वह इतनी फ़ोर्स होने का कारण पूछता ही नजर आया । अमुवि छात्र संघ ने जिला प्रशासन कासगंज हिंसा के पीड़ितों से प्रतिनिधिमंडल मिलवाने की भी मांग रखी जो देर रात्रि सूत्रों के हवाले से आ रही खबरों के अनुसार प्रशासन ने स्वीकार भी कर ली है ।