कर्नाटक के ऊर्जा मंत्री के घर आयकर विभाग की छापेमारी में मिला 5 करोड़ का कैश

कर्नाटक के ऊर्जा मंत्री डीके शिवकुमार के घर और उनके रिजॉर्ट पर इनकम टैक्स विभाग ने बुधवार सुबह छापा मारा है। बंगलुरु के इसी ईगलटन रिजॉर्ट में गुजरात कांग्रेस के विधायक ठहरे हुए हैं। आयकर विभाग को शक था कि रिजॉर्ट में बड़ी मात्रा में नकदी छुपा कर रखी गई।अधिकारियों ने कांग्रेस विधायकों के कमरों के अलावा वहां मौजूद सभी वाहनों की भी तलाशी ली। आयकर अधिकारियों ने कनकपुरा और सदाशिव नगर में शिवकुमार के आवास और ईगलटन रिजॉर्ट सहित 35 ठिकानों पर छापेमारी की। सीआरपीएफ जवानों के साथ आए आयकर विभाग के 10 अधिकारियों की टीम बुधवार सुबह 7 बजे रिजॉर्ट पहुंचे। आयकर विभाग ने बताया कि ये छापे बस कर्नाटक के एक मंत्री के खिलाफ मारे गए हैं। इनका कांग्रेस विधायकों से कोई संबंध नहीं। वहीं विभाग के अध्यक्ष सुशील चंद्रा ने बताया कि शिवकुमार के दिल्ली स्थित आवास से 5 करोड़ की नकदी बरामद हुई है। जबकि रिजॉर्ट से कोई कैश जब्त नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि शिवकुमार रि़जॉर्ट में ही छिपे थे और ऐसे में उनके पास वहां छापे मारने के अलावा कोई चारा नहीं बचा था।

इसके अलावा शिवकुमार के छोटे भाई और इलाके के विधायक डीके सुरेश और एमएलसी रवि के आवास पर भी छापेमारी की खबर है। रिजॉर्ट में ठहरे विधायकों की सुख सुविधाओं के इंतजाम की जिम्मेदारी सुरेश पर ही बताई जाती है। गुजरात में राज्यसभा चुनाव से पहले पार्टी विधायकों के पाला बदलने से घबराई कांग्रेस अपने बचे 44 विधायकों को बंगलुरु में शिवकुमार के रिजॉर्ट में ठहराया है। गुजरात में राज्यसभा की 3 सीटों के लिए 8 अगस्त को चुनाव होने हैं और बीजेपी ने यहां तीनों सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे हैं। वहीं सोनिया गांधी के राजनीतिक सलाहकार अहमद पटेल भी यहां मैदान में है और कांग्रेस का आरोप है कि पटेल को राज्यसभा आने से रोकने के लिए बीजेपी उनके विधायकों को खरीदने की कोशिश कर रही है।

रिजॉर्ट पर पड़े इस छापे को वरिष्ठ कांग्रेस नेता अहमद पटेल ने बीजेपी का ‘विच-हंट’ करार दिया और आरोप लगाया कि बीजेपी महज एक राज्यसभा सीट जीतने के लिए यह सब कर रही है। वहीं इस आयकर छापे को लेकर वरिष्ठ बीजेपी नेता एवं संसदीय कार्य मंत्री अनंत कुमार का कहना है कि आयकर विभाग कानून के तहत अपना काम कर रही है। लेकिन कांग्रेस ब्लैक मनी को वाइट करने की कोशिश में लगी है। कांग्रेस और अहमद पटेल को उसका जवाब देना चाहिए। यह ब्लैक मनी और भ्रष्टाचार के खिलाफ छापे हैं।