जस्टिस कर्णन ने ACE को दिए निर्देश , देश के मुख्य न्यायाधीश को न कराएं विदेश यात्रा

कोलकाता। सुप्रीम कोर्ट द्वारा अवमानना की कार्यवाही का सामना कर रहे कलकत्ता होई कोर्ट के जस्टिस सी. एस. कर्णन ने एयर कंट्रोल अथॉरिटी, नई दिल्ली को भारत के मुख्य न्यायाधीश जे. एस. खेहर और सुप्रीम कोर्ट के सात जजों को उनके खिलाफ मामलों के निपटारे तक विदेश यात्रा नहीं करने देने का आदेश दिया है।
कर्णन ने शुक्रवार को अपने आवासीय अदालत में यह आदेश जारी किया। जस्टिस कर्णन ने 13 अप्रैल को एक आदेश जारी कर अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत मुख्य न्यायाधीश जे. एस. खेहर और 6 अन्य जजों के खिलाफ केस दर्ज करने का भी आदेश दिया था। 6 अन्य जजों में जस्टिस दीपक मिश्र, जस्टिस जे चेलमेश्वर, जस्टिस रंजन गोगोई, जस्टिस मदन बी लोकुर, जस्टिस पिनाकी सी घोष और जस्टिस कूरियन जोसेफ शामिल हैं। कर्णन ने इन सभी जजों को 28 अप्रैल को अपनी आवासीय अदालत में पेश होने का भी आदेश जारी किया था।
इससे पहले CJI खेहर और सुप्रीम कोर्ट के 6 अन्य जजों ने जस्टिस कर्णन के खिलाफ अवमानना कार्यवाही शुरू करते हुए उन्हें 31 मार्च या उससे पहले पेश होने का आदेश दिया था। 7 जजों की संवैधानिक बेंच ने जस्टिस कर्णन के खिलाफ जमानती वॉरंट भी जारी किया था। जस्टिस कर्णन 31 मार्च को अपने खिलाफ दायर अवमानना के मामले में सुप्रीम कोर्ट में पेश हुए और शर्त रखी कि अगर उनके न्यायिक अधिकार लौटाए जाते हैं तो वह फिर से पेश होने और माफी मांगने को तैयार हैं, लेकिन उनकी याचिका खारिज कर दी गई। सुप्रीम कोर्ट ने जस्टिस कर्णन से कहा था कि वह चार सप्ताह में अवमानना मामले में शपथपत्र दाखिल करें और मामले की अगली सुनवाई 1 मई को अदालत में हाजिर रहें।
-एजेंसी