जम्मू-कश्मीर में बैट टीम का हमला नाकाम, 1 आतंकवादी मार गिराया

जम्मू। सेना ने जम्मू-कश्मीर में पुंछ से लगते क्षेत्र में नियंत्रण रेखा पर सीमा पार से किये गये बैट टीम के हमले को विफल कर एक आतंकवादी को ढेर कर दिया और बाकियों को खदेड़ दिया। बैट टीम में आतंकवादियों के साथ-साथ पाकिस्तानी सेना की विशेष फोर्स के जवान भी होते हैं जिनका मकसद भारतीय चौकियों पर हमला कर आतंकवादियों की घुसपैठ कराना होता है।

सेना के अनुसार कल शाम सवा पांच बजे के करीब पाकिस्तानी सेना ने छोटे हथियारों, मोर्टारों और स्वचालित हथियारों से बेवजह अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी। भारतीय जवानों ने इसका मुंहतोड़ जवाब दिया, लेकिन इसी बीच जवानों ने नियंत्रण रेखा पर कुछ हलचल देखी और उस जगह पर फायरिंग की । हथियारबंद हमलावरों ने पाकिस्तानी सेना के कवर की आड़ में जवाबी फायरिंग की।

भारतीय जवानों के हमले में एक अातंकवादी मारा गया और दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गये जिन्हें बाद में पाकिस्तानी चौकियों की ओर घिसटते हुए देखा गया। बाद में तलाशी के दौरान सेना की वर्दी में एक आतंकवादी का शव मिला। उसके आस पास से तीन राॅकेट से दागने जाने वाले ग्रेनेड, चार राकेट लांचर, दो रेडियो सेट, ए के रायफल की मैगजीन, 4 यूबीजीएल ग्रिनेड, सात हथगोले, एक मोबाइल फोन, मेडिकल किट और पाकिस्तानी झंडा बरामद किये गये। सेना ने कहा है कि वह मारे गये आतंकवादी के शव को पाकिस्तान को सौंपने की पेशकश करेगी लेकिन अमूमन पाकिस्तान इनके शवों को लेने से इंकार कर देता है। पाकिस्तान ने सुंजवान हमले में मारे गये आतंकवादियों के शव लेने से भी इंकार कर दिया था। सेना का कहना है कि पाकिस्तानी सेना आतंकवादियों को बलि का बकरा बनाकर अपने नापाक इरादे पूरा करने की कोशिश में लगी रहती है। पाकिस्तानी सेना हर बार इसी तरीके से आतंकवादियों की घुसपैठ कराने की कोशिश करती है। इस ताजा हमले से पाकिस्तानी सेना के प्रमुख का म्यूनिख सम्मेलन में दिया गया यह बयान खोखला साबित होता है कि पाकिस्तान में आतंकवादियों की सुरक्षित पनाहगार नहीं हैं। पाकिस्तानी सेना संघर्ष विराम समझौते का बार बार उल्लंघन करती है और वह चाहती है कि जम्मू कश्मीर में शांति तथा स्थिरता की स्थिति कायम नहीं होनी चाहिए। सेना ने कहा है कि वह नियंत्रण रेखा पर पूरी तरह चौकस और सावधान है तथा पाकिस्तान की किसी भी नापाक हरकत को सफल नहीं होने देगी।