NDTV के रवीश और न्यूज़-18 के संकेत पर जयपुर में दर्ज हुई आपराधिक शिकायत

जयपुर। राजस्थान के पूर्व जज महेशचंद शर्मा पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने के मामले में एक वकील ने दो टीवी एंकर्स के खिलाफ निचली अदालत में आपराधिक मामला दर्ज कराया है। ये दो टीवी एंकर्स हैं रवीश कुमार और संकेत उपाध्याय | वकील सीसी रत्नू ने अपनी शिकायत में कहा कि एनडीटीवी के वरिष्ठ पत्रकार रवीश कुमार ने अपने प्रोग्राम में हाईकोर्ट के जजों को ट्रेनिंग पर चिड़ियाघर ले जाने का बयान दिया। 31 मई को अपने कार्यक्रम में रवीश कुमार ने कहा कि जब कोई जज बने तो उसकी ट्रेनिंग तो जरूर होती ही होगी, उस ट्रेनिंग में उन्हें चिड़ियाघर भी ले जाना चाहिए और बताना चाहिए कि कौन सा पशु कैसे प्रजनन करता है और कौन सा पक्षी आजीवन ब्रह्मचारी है और कौन सा योगा भी करता है। वहीं ‘सीएनएन-न्यूज18’ के एंकर संकेत उपाध्याय ने न्यायाधीश महेशचंद शर्मा को ‘काउ जज’ और ‘पीकॉक जज’ कहकर संबोधित किया था।

अपनी शिकायत में वकील ने यह भी कहा है कि जजों की नियुक्ति को लेकर किसी को भी टिप्पणी करने का अधिकार नहीं है। इस मामले को लेकर राजस्थान हाईकोर्ट में अब 6 जून को फैसला होगा | गौरतलब है कि बहुचर्चित हिंगोनिया गौशाला मामले में 31 मई को हुई सुनवाई में फैसला करने वाले जज महेशचंद शर्मा ने गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित किए जाने का सुझाव केंद्र सरकार को दिया था। शर्मा ने अपने इस सुझाव के पीछे तर्क देते हुए मोर का उदाहरण दिया, जिसमें उन्होनें कहा कि ‘जो मोर है, वो आजीवन ब्रह्मचारी है। वह कभी भी मोरनी के साथ सेक्स नहीं करता। इसके जो आंसू आते हैं, मोरनी उसे चुगकर गर्भवती होती है। मोर या मोरनी को जन्म देती है।’ उन्होंने कहा ‘गाय के अंदर कई सारे गुण हैं जिनको देखते हुए राष्ट्रीय पशु घोषित किया जाना चाहिए।’ शर्मा के इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर उनका काफी मजाक उड़ाया गया और न्यूज चैनलों पर भी इस मुद्दे पर दिनभर बहस छिड़ी रही। हालांकि उसी दिन जज महेशचंद शर्मा रिटायर भी हो गए।