इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक में क्या हैं ख़ास सुविधाएं !

आईपीपीबी क्या है, यह बाक़ी बैंकों से कैसे अलग है और इसमें क्या सुविधाएं मिलेंगी–
इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक (आईपीपीबी) को भारत सरकार के संचार मंत्रालय के डाक विभाग के तहत शुरू किया गया है. इसका 100 प्रतिशत स्वामित्व भारत सरकार के पास है.
इस पेमेंट्स बैंक ने 30 जनवरी 2017 को काम करना शुरू कर दिया था. पायलट के तौर इसकी दो शाखाएं खोली गई थीं. एक रांची में और दूसरी रायपुर में.
इसकी मदद से उन ग्रामीण क्षेत्रों को बैंकिंग से जोड़ने की कोशिश की जाएगी जहां बैंक नहीं हैं. इस काम में डाकिए बैंकर का काम करेंगे. विभाग के पास तीन लाख से ज़्यादा डाकिये और डाक सेवक हैं. वे मोबाइल फ़ोन और बायोमीट्रिक उपकरण लेकर लोगों को घर पर बैंकिंग सुविधाएं देंगे.
इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक को डाकघरों में पहले से ही चल रहे 17 करोड़ डाक बचत ख़ातों को ख़ुद से जोड़ने की इजाज़त मिल गई है.
दिसंबर तक देश के एक लाख 55 हज़ार डाकघरों को आईपीपीबी सिस्टम से जोड़ने जाने का लक्ष्य है.
इंडिया पोस्ट पेमेट्स बैंक में खोले जाने वाले बचत खातों पर चार प्रतिशत की दर से ब्याज मिलेगा.
नियमों के मुताबिक़ पेमेंट्स बैंकों में अधिकतम एक लाख रुपये तक की ही राशि जमा की जा सकती है. उन्हें किसी को ऋण देने का अधिकार भी नही हैं. मगर इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक वित्तीय सेवाएं मुहैया करवाने वाले अन्य संस्थानों के माध्यम से उत्पाद और सेवाएं दे सकेगा. उदाहरण के लिए ऋण देने के लिए वह पंजाब नेशनल बैंक के एजेंट के तौर पर काम करेगा.
इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक में खोले जाने वाले बचत या चालू खातों में अन्य बैकों की तरह ही कई सारी सुविधाएं मिलेंगी. इसमें मनी ट्रांसफ़र, सरकारी योजनाओं के पैसे सीधे ख़ाते में आने, बिल पेमेंट और ख़रीदारी की पेमेंट करने जैसी सुविधाएं भी मिलेंगी.
ये सभी सुविधाएं इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक के माइक्रो-एटीएम, मोबाइल बैंकिंग एप्लिकेशन, एसएमएस और आईवीआर आदि के ज़रिए दी जाएंगी.
भारत सरकार ने हाल ही में इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक के खर्च की सीमा भी बढ़ा दी है ताकि वह पहले से ही मौजूद प्रतिद्वंद्वियों से मुक़ाबला कर सके.