बेटियों से छेड़छाड़ पर हल्ला बोलती फिल्म है ‘ज्योति’, पढ़िए जयपुर की अभिनेत्री रोशनी से आकांक्षा सक्सेना की यह खास वार्ता

राजस्थान की क्रान्ति भूमि से निकलकर फेमस सिने अभिनेत्री ‘रोशनी टाक’  ने बहुत कम समय में बॉलीवुड में नाम कमाया है | सामाजिक मुद्दों पर उनकी कई फिल्मे हैं | रोशनी टाक  प्रतिभावान फिल्म डाईरेक्टर तथा सक्षम-सशक्त प्रोड्यूसर के  साथ-साथ दया से भरा खूबसूरत हृदय रखने वाली एक सामाजिक कार्यकर्ता और बेदाग सच्ची शख्शियत हैं | बेजोड़ प्रतिभा और खूबसूरती का अद्भुद संगम जयपुर की शान कही जाने वाली रोशनी टाक  से विभिन्न मुद्दों पर व्यवस्था दर्पण की ओर से वार्ता की युवा लेखिका आकांक्षा सक्सेना
ने | पेश हैं बातचीत के प्रमुख अंश-
आकांक्षा  : रोशनी जी आपका पूरा नाम और जन्म स्थान कहाँ है?
रोशनी : मेरा नाम रोशनी टाक है | मैं जयपुर में पैदा हुई वहीं पली-बढ़ी लेकिन मेरा होम टाउन  जोधपुर है |
आकांक्षा : आपने अभिनय को ही करियर के रूप में क्यों चुना?
रोशनी :  बचपन में मेरी माँ मुझे डीडी नेशनल के प्रोग्राम “नन्ही दुनियां” में कविता पाठ के लिये ले जाया करती थीं | वहीं से मेरा मन स्टेज पर लगने लगा था| फिर, स्कूल में रवीन्द्र मंच, दुर्गा पूजा के स्टेज से होता हुआ कई रीजनल चैनलों के प्रोग्रामों से गुजर कर आज मुम्बई तक पहुंच गया | जब ऐक्टिंग में ही मन रमा तो इसे ही करियर बना लिया |
आकांक्षा  : एक लड़की होने पर आपको परिवार का कितना सपोर्ट रहा ?
रोशनी – फैमली का सपोर्ट सच कहूँ तो आधा रहा जबकि मेरे फादर फिल्म इण्डस्ट्री से बतौर लेखक जुड़े थे पर फिर भी उन्होने मुझे ऐक्टिंग के लिये साफ मना कर दिया था लेखिन मेरी माँ ने मुझे समझा और कहा,” अगर तुम्हें खुद पर पूरा विश्वास है और तुम कर सकती हो तो तुम्हें जरूर करना चाहिये |” बस माँ के उन बेमिशाल शब्दों से मिली हिम्मत ने मुझे इतना सशक्त बनाया कि कभी हारने नही दिया |
आकांक्षा – अभिनय के क्षेत्र में सबसे ज्यादा सहयोग किसका रहा?
रोशनी – अभिनय के क्षेत्र में सबसे सपोर्टिंग हाथ रहे फेमस फोटोग्राफर और बेहतरीन शख्शियत आदरणीय श्री हरेश दफ्तारी जी | उन्होने मुझे वनिता मैग्जीन का ना सिर्फ एक बड़ा सूट दिया बल्कि  मुझे हर कदम पर बहुत मॉटीवेट भी किया | वह नामी शख्शियत होने के बावजूद बेहद सरल इंसान हैं और मैं उनके इस महान स्वभाव की फेन हूँ |
आकांक्षा – आप कितनी फिल्मों में काम कर चुकी हैं ? इस राह में आपका क्या जीवन संघर्ष रहा?
रोशनी – इण्डस्ट्री में मुझे लगभग 12 साल हो गये | मैने नवाजुद्दीन सिद्दकी जी तथा तनीशा चटर्जी जी के साथ हिन्दी फिल्म ‘देख इण्डिया सर्कस’ की | मैं एक राजिस्थानी फिल्म लीड कर चुकी हूँ जिसका नाम है ‘सांवरिया सेठ’ जो काफी चर्चित और सफल फिल्म रही |इसके अलावा आसामी फिल्म ‘बेन्ड लव स्टोरीस’ इसी साल रिलीज हुई और मेरी एक सफल डाक्यूमेन्ट्री फिल्म ‘ ए ड्राप ‘राजिस्थान में सरकारी इवेन्ट में चलायी जा रही है जो ‘सेव वॉटर’ जैसे गम्भीर और महत्वपूर्ण विषय पर आधारित है | तथा, अभी रीसेन्ट में  ‘ओ क्लोक’ नाम से एक हॉरर वेव सीरीस भी आयी हुई है | इसके अलावा हमने तारक मेहता, चिड़ियाघर, क्राईम पेट्रोल, जिंदगी एक भंवर जैसे फेमस टीवी ऐपीसोड भी किये हैं और इसके अलावा वनिता जैसी फेमस मैग्जीनों में एड तथा प्रिंट सूट से भी जुड़ी हूँ  और अब, आप सभी की स्नेह, दुआ और  सहयोग से मेरे खुद के होम प्रोडक्शन की पहली फिल्म जिसका नाम है ‘ज्योति (ए लाइटिनिंग ऑफ होप) आप सभी के बीच दस्तक देने वाली है |
आकांक्षा – आपकी आने वाली फिल्म ज्योति काफी चर्चा में हैं इस फिल्म के बारे में कुछ बतायें?
रोशनी – मेरी यह फिल्म पूरी तरह बेटियों को समर्पित है | इस फिल्म का डाईरेक्शन बेहद कामयाब प्रतिभावान चर्चित शख्शियत शुभराज जी और स्क्रीन प्ले प्रेम बनिया जी ने बड़ी ही खूबसूरती से किया है | यह दोनो शख्शियत इस फिल्म की मजबूत कड़ी हैं | यह फिल्म गांव की बेटियों की पढ़ाई से सम्बंधित मुद्दे तथा उनके साथ होने वाली छेड़-छाड़ जैसे मुद्दे को जोरदारी से उठाया गया है और यह फिल्म लड़का – लडकी के भेद को समाज से पूरी तरह मिटाने पर आधारित है | तथा यह स्किल इंण्डिया प्रोजेक्ट को प्रोमोट करती बेटियों की शिक्षा पर आधारित सामाजिक फिल्म है |
आकांक्षा – आपने खुद का प्रोडक्शन हाउस खोलने का निर्णय क्यों लिया ? 
रोशनी – मैं भी ढ़ेर सारे सपने लेकर राजिस्थान से मुम्बई आयी थी | सुना था बहुतों के सपने यहाँ बनने से पहले टूट जाया करते हैं पर मुझे अच्छे दोस्तों और सहयोगियों का साथ मिला जिसने मुझे कभी टूटने नही दिया पर फिर भी संघर्षों से जूझते हुये सोचा! कि खुद का प्रोडक्शन हाउस हो और उसमे अपने मन का काम भी कर सकूं तथा नये टेलेन्टिड लोगों की हेल्प भी कर सकूं |
आकांक्षा – फिल्म के अलावा क्या आप किसी सामाजिक कार्यों से भी जुड़ी हैं ? 
रोशनी- हाँ, आकांक्षा में फिल्म के अलावा एक एनजीओ भी चलाती हूँ जिसका नाम है ‘सेयम वूमेन एण्ड चिल्ड्रन वेलफेयर सोसायटी’ इसमें समाजहित और राष्ट्रहित में जो भी ऐक्टीविटी हो सकती हैं वो सब करवाने का यथासम्भव प्रयास करते हैं | इसके अलावा कभी कुछ सोसल ऐक्टीविटी के इन्विटेशन आते हैं तो वह हमेशा मेरी पहली प्राथमिकता होती है |
आकांक्षा – आपका जीवन में क्या सपना हैं ? 
रोशनी – मैं अपना सपना सिर्फ खुली आँखों से ही देखती हूँ और यही चाहती हूँ कि सारी उम्र अपनी पसंद का काम करती रहूँ | यही चाहती हूँ कि मेरी मेहनत और मेरा अच्छा काम ही मेरी पहिचान बने |
आकांक्षा – आपका प्रेरणास्त्रोत कौन है?
रोशनी – मेरी प्रेरणा मेरी माँ हैं जिनका अद्भुद गुण यह है कि उन्हें कभी गुस्सा नही आता | वह हमेशा सकारात्मक ऊर्जा से भरी सोम्य और बहुत प्यारी है | मैं हर जन्म में अपनी माँ जैसा बनना चाहती हूँ और यही माँ चाहती हूँ | मेरी माँ ही मेरा सबकुछ है |
आकांक्षा – आप स्वंय को एक लाईन में कैसे परिभाषित करेगीं?
रोशनी – मैं अंतरात्मा से समुद्र की तरह विशाल हूँ….गोते लगाने पड़ेगें…! एक लाइन में यही कहूँगी कि मुझे लड़की होने पर गर्व है |
आकांक्षा – भारत की बेटी होने के नाते फिल्मी दुनियां में कदम रखने वाली भारत की बेटियों को क्या कहना चाहेगीं ? 
रोशनी – देश की सभी बेटियों से यही कहना चाहूंगी कि आप सब ईश्वर का सबसे प्यारा खूबसूरत और महत्वपूर्ण वरदान हो, खुद पर भरोसा रखिये और कभी किसी से मत डरिये |
रोशनी जी आपने अपना कीमती समय व्यवस्था दर्पण को  दिया, आपका ससम्मान धन्यवाद |  हम यही प्रार्थना करेगें कि आपकी बेटियों पर आधारित यह फिल्म “ज्योति” आपकी बाकी फिल्मों की ही तरह एक सफल फिल्म साबित हो |