राफेल पर डसॉल्ट ने कहा, ‘हम भारत के साथ काम कर रहे हैं किसी पार्टी के लिए नही’

नई दिल्ली । राफेल सौदे को लेकर जारी विवाद के बीच डसॉल्ट के सीईओ एरिक ट्रैपियर ने न्यूज एजेंसी एएनआई को दिए इंटरव्यू में बताया है कि वह भारत के साथ काम कर रहे हैं, किसी एक पार्टी के लिए नहीं। उन्होंने कहा कि हमारा कांग्रेस पार्टी के साथ लंबा अनुभव है। हमारी पहली डील साल 1953 में नेहरू के साथ हुई थी। हम भारतीय वायुसेना और भारत सरकार को फाइटर्स जैसे प्रोडक्ट्स की आपूर्ति कर रहे हैं।

इससे पहले सोमवार को सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के मुताबिक 36 राफेल विमानों की खरीद के संबंध में किये गए फैसले के ब्योरे वाले दस्तावेज याचिकाकर्ताओं को सौंप दिए। पीटीआई की खबर के मुताबिक दस्तावेजों के अनुसार राफेल विमानों की खरीद में रक्षा खरीद प्रक्रिया-2013 में निर्धारित प्रक्रिया का पालन किया गया है।

विमान के लिये रक्षा खरीद परिषद की मंजूरी ली गई और भारतीय दल ने फ्रांसीसी पक्ष के साथ बातचीत की। पीटीआई के मुताबिक, दस्तावेजों में कहा गया है कि फ्रांसीसी पक्ष के साथ बातचीत तकरीबन एक साल चली और समझौते पर हस्ताक्षर करने से पहले मंत्रिमंडल की सुरक्षा मामलों की समिति की मंजूरी ली गई।

राफेल सौदे पर हमलावर रही है कांग्रेस-
बीते काफी दिनों से राफेल सौदे को लेकर कांग्रेस केंद्र सरकार पर हमलावर रही है। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने प्रेस कांफ्रेंस कर पूछ चुके हैं कि डसॉल्ट सीईओ किसे बचा रहे हैं? उन्होंने पूछा कि सरकार विमानों की कीमत का खुलासा क्यों नहीं कर रही है। वहीं केंद्र सरकार ने राफेल लड़ाकू विमान सौदे के मुद्दे पर कांग्रेस द्वारा देश को गुमराह किए जाने का आरोप लगाया है।