राष्ट्रपति कोविंद बोले- ‘बहुत बड़ी जिम्‍मेदारी है राजेंद्र प्रसाद, राधाकृष्णन और कलाम जैसे महान विद्वानों के पद पर मेरा चयन’

नई दिल्ली। एनडीए उम्मीदवार रामनाथ कोविंद ने राष्ट्रपति चुनाव में जीत के बाद कहा कि राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद, सर्वपल्ली राधाकृष्णन, एपीजे अब्दुल कलाम और प्रणब मुखर्जी जैसे महान विद्वानों ने बढ़ाया है। उस पद पर मेरा चयन बहुत बड़ी जिम्मेदारी का अहसास करा रहा है। व्यक्तिगत रूप से मेरे लिए ये बहुत ही भावुक क्षण है। उन्होंने कहा कि आज दिल्ली में सुबह से बारिश हो रही है। बारिश का ये मौसम मुझे बचपन की याद दिलाता है। जब मैं अपने पैतृक गांव में रहता था। घर कच्चा था, मिट्टी की दीवार थी और पूस की छत्त बारिश रोक नहीं पाती थी। हम भाई-बहन कमरे की दीवार के सहारे खड़े होकर बारिश के रूकने की इंतजार करते थे।
आज देश में कितने रामनाथ कोविंद होंगे जो बारिश में भीग रहे होंगे। कहीं खेती कर रहे होंगे और कहीं मजदूरी कर रहे होंगे। शाम को भोजन मिल जाए, इसके लिए पसीना बहा रहे होंगे। आज मुझे उनसे कहना है कि परोख गांव का रामनाथ कोविंद राष्ट्रपति भवन में उनका ही प्रतिनिधि बनकर जा रहा है। मुझे ये जिम्मेदारी दिया जाना देश के ऐसे हर व्यक्ति के संदेश भी है जो ईमानदारी और प्रमाणिकता के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करता है। इस पद पर चुना जाना न मैने कभी सोचा था और ना मेरा लक्ष्य था। लेकिन अपने समाज के और देश के लिए अथक सेवा भाव मुझे यहां तक ले आया है। ये सेवा भाव हमारे देश की परंपरा भी है। राष्ट्रपति के पद पर मेरा चयन भारत की महानता का प्रतीक है।
इस पद पर रहते हुए संविधान की रक्षा करना और संविधान की मर्यादा को बनाए रखना मेरा कर्तव्‍य है। मैं देश के सभी लोगों को नमन करते हुए उन्हें विश्वास दिलाता हूं कि सब के सुख के भाव के साथ मैं उनकी सेवा में निरंतर लगा रहूंगा। देश के लोगों का और हर राजनीतिक दल का और सभी जन प्रतिनिधियों का एक बार पुन: बहुत-बहुत आभार व्यक्त करता हूं।
राष्ट्रपति चुनाव के लिए निर्वाचन अधिकारी अनूप मिश्रा ने बताया कि कोविंद ने विपक्ष की उम्मीदवार एवं पूर्व लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार को पराजित किया। कोविंद को निर्वाचक मंडल में 65 प्रतिशत से अधिक मत प्राप्त हुए। 71 वर्षीय कोविंद दूसरे दलित नेता है जो इस शीर्ष संवैधानिक पद को सुशोभित करेंगे। कोविंद को 2930 मत प्राप्त हुए जिसका मूल्य 7,02,044 मत है। उनसे पूर्व के. आर. नारायणन दलित समुदाय से देश के पहले राष्ट्रपति निर्वाचित हुए थे।
कोविंद बीजेपी के पहले सदस्य हैं जो राष्ट्रपति निर्वाचित हुए हैं। मीरा कुमार भी दलित समुदाय से आती हैं और उन्हें 1844 मत प्राप्त हुए जिसका मूल्य 3,67,314 है। राष्ट्रपति चुनाव के निवार्चक मंडल में 4,896 मतदाता है जिसमें से 4,120 विधायक और 776 सांसद शामिल हैं।
राष्ट्रपति चुनाव में रामनाथ कोविंद (7,02,044) को भले ही मीरा कुमार से करीब दोगुने वोट मिले। फिर भी वह प्रणब मुखर्जी से पीछे ही रहे। कोविंद को प्रतिभा पाटिल, शंकर दयाल शर्मा समेत 7 पूर्व राष्ट्रपतियों से ज्यादा वोट मिले हैं। अब तक सबसे ज्यादा वोट (9,56,290) के. आर. नारायणन को मिले हैं।
-एजेंसी