आईसीजे ने लगायी कुलभूषण जाधव की फांसी पर रोक

द हेग। कुलभूषण जाधव मामले में इंटरनेशनल कोर्ट में भारत को बड़ी जीत हासिल हुई है। अंतरराष्ट्रीय न्यायालय ने अंतिम आदेश आने तक जाधव की फांसी पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने कहा कि पाकिस्तान का कुलभूषण जाधव को जासूस कहने का दावा साबित नहीं होता। आईसीजे के जज ने कहा कि जाधव की जान को खतरा है। कोर्ट ने पाक से कहा कि वो जाधव की सुरक्षा सुनिश्चित करे।

अंतरराष्ट्रीय न्यायालय ने क्या कहा, मुख्य बातें-

* आईसीजे ने कहा कि विएना संधि के तहत कुलभूषण जाधव को कॉन्सुलर एक्सेस मिलना चाहिए।
* जाधव को कॉन्सुलर एक्सेस न देकर पाकिस्तान ने गलत किया।
* विएना संधि को लेकर पाकिस्तान की आपत्ति को आईसीजे ने खारिज किया।
* कोर्ट ने कहा कि अंतिम आदेश तक जाधव को फांसी न हो ये पाकिस्तान सुनिश्चित करे।

भारत-पाक दोनों ने रखा था पक्ष
नीदरलैंड के हेग में आईसीजे में सोमवार को हुई सुनवाई के दौरान भारत ने पाकिस्तान पर विएना संधि के घोर उल्लंघन का आरोप लगाते हुए अंतर्राष्ट्रीय अदालत से भारतीय नौसेना के पूर्व अधिकारी कुलभूषण जाधव की मौत की सजा को रद्द करने की मांग की थी, जबकि इस्लामाबाद ने नई दिल्ली द्वारा मामले को आईसीजे में लाए जाने को अवैध बताया।

ये भी पढे़ं-
हरीश साल्वे…सिर्फ 1 रुपए में लड़ रहे कुलभूषण जाधव का केस

पाक ने क्या दी थी दलील
पाकिस्तान ने अपनी दलील में कहा कि भारत को कुलभूषण मामले को आईसीजे में लाने का अधिकार नहीं है, क्योंकि विएना संधि जासूसी, आतंकवादी तथा जासूसी से जुड़े लोगों पर लागू नहीं होती। तीन दिन पहले अंतरराष्ट्रीय अदालत ने भारत और पाकिस्तान की दलीलों को सुना था।

भारत ने अपनी दलील रखते हुए मांग की थी कि जाधव की मौत की सजा को तत्काल निलंबित किया जाए। भारत ने आशंका जताई थी कि पाकिस्तान आईसीजे में सुनवाई पूरी होने से पहले जाधव को फांसी दे सकता है।

भारत ने दमदार तरीके से तर्क पेश किए थे
जब आईसीजे ने सुनवाई शुरू की तो भारत ने दमदार तरीके से अपने तर्क पेश किये। 46 वर्षीय पूर्व नौसेना अधिकारी जाधव को पिछले साल तीन मार्च को गिरफ्तार किया गया था। पाकिस्तान की एक सैन्य अदालत ने उन्हें जासूसी और विध्वंसक गतिविधियों के आरोपों में मौत की सजा सुनाई।

18 साल बाद आमने-सामने भारत-पाक
भारत ने जाधव मामले को आठ मई को अंतरराष्ट्रीय अदालत में रखा। भारत ने आरोप लगाया कि पाकिस्तान वियना समझौते का उल्लंघन कर रहा है और जाधव को सबूतों के बिना दोषी करार देने के लिए मुकदमा चला रहा है। दोनों पड़ोसी देश इससे पहले 18 साल पूर्व आईसीजे में आमने-सामने थे जब इस्लामाबाद ने उसके एक नौसैनिक विमान को मार गिराने को लेकर अंतरराष्ट्रीय अदालत की मध्यस्थता की मांग की थी।

जाधव को 2016 में गिरफ्तार किया गया था। उसे पाकिस्तान की सैन्य अदालत ने अप्रैल 2017 में फांसी की सजा सुनाई थी। पाकिस्तान ने कुलभूषण जाधव से राजनयिक संपर्क के भारत के 16 अनुरोधों को नकार दिया था।