ग्वालियर में 2 दिवसीय जन-संसद आज से

ग्वालियर | मध्य प्रदेश के ग्वालियर में मंगलवार से दो दिवसीय जन-संसद शुरू हो रही है। इसमें देशभर के भूमिहीन हिस्सा लेंगे।

इस दौरान सरकार की नीतियों की समीक्षा के साथ ही आंदोलन की आगामी रणनीति तय की जाएगी।

एकता परिषद की युवा इकाई के प्रमुख अनीस ने आईएएनएस को बताया, केंद्र सरकार ने 2012 में भूमिहीनों को भूमि देने का वादा किया था, जो आज तक पूरा नहीं हुआ। सरकार की वादा खिलाफी के विरोध में यह जन-संसद हो रही है। अगले साल एक बार फिर एक लाख से ज्यादा लोग दिल्ली कूच करेंगे।

अनीस के मुताबिक, वर्ष 2012 में भूमिहीनों के आंदोलन के दौरान वर्तमान केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने आंदोलन का समर्थन किया था, लेकिन अब उनका रुख वैसा नहीं रहा। उनके दल की सरकार आए साढ़े तीन साल हो गए, लेकिन भूमिहीनों की मांग पूरी नहीं हुई। इसीलिए जन-संसद के लिए उनके गृहनगर ग्वालियर को चुना गया है।

एकता परिषद के मुताबिक, मंगलवार को मेला मैदान में हो रही जन-संसद में दो दिन तक भूमिहीनों की समस्या सहित कई अन्य मुद्दों पर भी चर्चा होगी। उसके बाद आगामी रणनीति का ऐलान किया जाएगा।

एकता परिषद द्वारा आयोजित इस दो दिवसीय जन संसद में देश के विभिन्न हिस्सों के सामाजिक आंदोलनों से जुड़े प्रतिनिधि पहुंचे हैं। इसके अलावा पी.वी राजगोपाल, जलपुरुष राजेंद्र सिंह और कई राजनीतिक दलों से जुड़े लोग भी इस दो दिवसीय जन-संसद में हिस्सा ले रहे हैं।