चीन राष्ट्रपति शी जिनपिंग के भारत दौरे से पहले सरकार उठा सकती है ये बड़ा कदम

इसी माह होने वाले चीन राष्ट्रपति शी जिनपिंग के भारत दौरे से पूर्व सरकार अरुणाचल प्रदेश को लेकर एक बड़ा कदम उठा सकती है। केंद्र, राज्य में चीन के साथ वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर एम-777 अल्ट्रा लाइट होवित्जर तोपें तैनात करने जा रही है, जो अमेरिका से खरीदी गई हैं।

केंद्र ने नवंबर 2016 में 145 एम-777 खरीदने के लिए अमेरिका से 5,070 करोड़ रुपये का करार किया था। सौदे के तहत 25 तोपें पूरी तरह से तैयार स्थिति में दी जाएंगी।

बाकी 120 तोप मोदी सरकार की मेक इन इंडिया पहल के तहत र्मंहद्रा डिफेंस के सहयोग से स्थानीय स्तर पर बनाई जाएंगी। पूर्व सैन्य उप-प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल एएस लांबा (सेवानिवृत्त) ने इसे उन्नत तोप बताया।

खास बातें

-टाइटेनियम मिश्रित धातु से निर्मित तोप 24-30 किलोमीटर तक मार करने में सक्षम
-पूर्वी एवं उत्तरी इलाकों में तैनात पारंपरिक तोपों की तुलना में वजन आधा
-एम777 एक उन्नत किस्म की तोप, कुल वजन 4, 218 किलोग्राम
-पिछले साल दिसंबर में तत्कालीन रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण ने पहली एम777 देश को समर्पित की

चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग आगामी शुक्रवार को प्रधानमंत्री मोदी से अनौपचारिक मुलाकात के लिए भारत आ रहे हैं। यहां चेन्नई के पास ऐतिहासिक शहर मामल्लपुरम में यह अनौपचारिक शिखर वार्ता होगी। एक दिन में दोनों नेताओं की चार अलग-अलग बैठकें होनी हैं। दोनों नेता साथ में सात घंटे बिताएंगे।

कश्मीर मुद्दा और व्यापार युद्ध के बीच अहम होगी यँह मुलाकात यह बैठक ऐसे समय में होने जा रही है जब अरुणाचल प्रदेश में भारतीय सैन्य अभ्यास जारी है, जिस पर चीनी विदेश मंत्रालय अपना विरोध दर्ज करा चुका है। दूसरी ओर, जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 हटाए जाने के मामले को लेकर चीन की हालिया प्रतिक्रियाएं पाक के समर्थन में हैं। वहीं, चीन व्यापार युद्ध के कारण अमेरिका के खिलाफ भारत का साथ भी चाहता है। ऐसे में इन अनौपचारिक बैठक को विशेषज्ञ दोनों देशों के इजाह से महत्वपूर्ण मान रहे हैं। यह दोनों नेताओं की दूसरी अनौपचारिक मुलाकात है। पिछले साल नरेंद्र मोदी और जिनपिंग की मुलाकात चीन के वुहान शहर में हुई अनौपचारिक शिखर वार्ता में हुई थी।

यह है पूरा कार्यक्रम

– शुक्रवार दोपहर डेढ़ बजे वह चेन्नई हवाई अड्डे पर उतरेंगे

– शाम पांच बजे दोनों नेताओं की मामल्लपुरम शहर में मुलाकात

– दोनों एक घंटे के लिए वहां के तीन ऐतिहासिक स्थलों का भ्रमण करेंगे

– रात में प्रधानमंत्री मोदी अपने मेहमान को प्रतिभोज देंगे

– अगले दिन सुबह दस बजे 40 मिनट की निजी वार्ता होगी
– यह मुलाकात पांच सितारा होटल के बगीचे में होगी

– एक अन्य बैठक के बाद दोपहर डेढ़ बजे जिनपिंग चीन लौटेंगे