गोमती रिवर फ्रंट केस की CBI जांच

गोमती रिवर फ्रंट निर्माण में गड़बड़ी को लेकर योगी सरकार ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है. इस मामले में 8 इंजीनियरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है. सोमवार शाम लखनऊ के गोमतीनगर थाने में सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता ने अपने ही 8 इंजीनियरों खिलाफ ये शिकायत दर्ज कराई है
रिवर फ्रंट  की जांच के लिए बनी खन्ना कमेटी की रिपोर्ट के बाद इस मामले से जुड़े लोगों पर शिकंजा कसना शुरू हो गया है. खन्ना कमेटी ने हाल ही में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को स्टेटस रिपोर्ट सौंपी थी. सूत्रों के मुताबिक, सीएम योगी ने मामले की सीबीआई जांच को भी हरी झंडी दे दी है. हालांकि, आधिकारिक तौर पर इसका आदेश नहीं किया गया है. अब 8 इंजीनियरों के खिलाफ एफआईआर होने के बाद माना जा रहा है कि जल्द ही मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी जाएगी.
रिवर फ्रंट पर सीएम योगी आदित्यनाथ के दौरे के बाद जांच कमेटी बनी थी. इस मामले में अधिकारियों और इंजीनियरों पर बेहिसाब खर्च के आरोप हैं. खन्ना समिति ने माना है कि न सिर्फ रिवर फ्रंट के बजट को जरूरत से ज्यादा बढ़ाया गया, बल्कि 65 फीसदी काम होने के बावजूद 90 फीसदी भुगतान किया जा चुका है. खन्ना कमेटी ने ठेके बांटने को लेकर भी मनमानी के आरोप लगाए हैं. जांच रिपोर्ट में अधिकारियों और इंजीनियरों पर सीधे-सीधे उंगली उठाई गई है. बताया जा रहा है इस रिपोर्ट में दो प्रमुख सचिवों का भी नाम है. बता दें कि गोमती रिवर फ्रंट पूर्व सीएम अखिलेश यादव का ड्रीम प्रोजेक्ट था.