हरिद्वार में लॉकडाउन तोड़कर निकले इजरायल-ऑस्ट्रेलिया के विदेशी मुस्लिम या जमाती होते तो कोरोना जिहादी होते !

हरिद्वार । कोरोना आपदा में देशभर में बवाल चल रहा है । जमातियों की तलाश में छापेमारी हो रही है लेकिन वहीं उत्तराखंड से आई खबर ने कार्यवाही पर सवाल खड़े कर दिए हैं । लॉकडाउन तोड़कर घूमने निकले विदेशियों को पुलिस ने सॉरी लिखवाकर ही छोड़ दिया । सवाल यह है कि इजरायल, ऑस्ट्रेलिया, मैक्सिको की जगह ये विदेशी मुस्लिम होते या जमाती होते क्या यही रवैया मीडिया और पुलिस का होता? अगर मुस्लिम या जमाती यह करते तो क्या वो कोरोना जिहादी नहीं होते ? यह सवाल सोशल मीडिया पर तैर रहे हैं ।

खबर के अनुसार उत्तराखंड के ऋषिकेश में लॉकडाउन का उल्लंघन करने पर दस विदेशियों को एक अनोखी सजा मिली है।

दरअसल, ये दस विदेशी शनिवार को गंगा किनारे साईं घाट पर लॉकडाउन के बावजूद सैर-सपाटे कर रहे थे, जिसके बाद पुलिस ने सबसे कागज पर 500 बार ‘आई एम सॉरी’ लिखवाया। इजरायल, ऑस्ट्रेलिया, मेक्सिको और कुछ यूरोपीय देशों से आए इन विदेशी नागरिकों से पुलिस ने एक-एक कागज पर ‘मैने लॉकडाउन का उल्लंघन किया है, मुझे माफ कर दो’ 500 बार लिखवाया।

दरअसल, आवश्यक सेवा को सुबह 7 बजे से दोपहर 1 बजे तक मिली छूट की आड़ में तपोवन क्षेत्र में ठहरे विदेशी सैर सपाटे के लिए नीम बीच स्थित साईंघाट पहुंच गए। स्वच्छंद गंगा स्नान के बाद घाट पर चहलकदमी करने लगे। गश्त पर निकली तपोवन चौकी पुलिस साईं घाट पहुंची तो विदेशियों को देख हैरत में पड़ गई। पुलिस ने विदेशी नागरिकों को लॉकडाउन का हवाला दिया, जिस पर विदेशी नागरिकों ने कहा कि सुबह से दोपहर तक रिलैक्सेशन का पीरियड है।

पुलिस ने बताया कि यह रिलेक्सेशन पीरियड नहीं है। सिर्फ आवश्यक सेवाओं से जुड़ी दुकानों को खोलने और लोगों को खरीददारी करने के लिए छह घंटे की छूट दी गई है। विदेशियों ने इस पर अनभिज्ञता जाहिर की। तपोवन चौकी इंचार्ज विनोद कुमार शर्मा ने बताया कि घाट पर चहल कदमी कर रहे 10 विदेशी नागरिकों को मैंने लॉकडाउन का उल्लंघन करते पाया।