ट्रैक्टर लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे किसान, पुलिस से हुई नोंकझोंक, नारेबाजी

अलीगढ़। साथा चीनी मिल में नई यूनिट लगाने की मांग को लेकर साथा चीनी मिल किसान संघर्ष मोर्चा से जुडे़ किसान सोमवार को महापंचायत व अनिश्चितकालीन धरने के लिए कलेक्ट्रेट पर जुट गए। ट्रैक्टर लेकर पहुंचे किसानों ने अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया। साथ ही प्रदेश के चीनी मिलें व गन्ना विकास मंत्री सुरेश राणा, सांसद व विधायक के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे लगाए। हंगामा होता देख पुलिस प्रशासन अलर्ट हो गया। पुलिस ने अधिकारियों ने समझाने की कोशिश की लेकिन किसान नहीं माने। दोपहर में धरना स्थल पर खाना बनाया और खाया। देर शाम करीब सात बजे डीएम सेल्वा कुमारी जे. से वार्ता के बाद किसानों ने अपना धरना खत्म कर दिया।

सोमवार सुबह करीब साढ़े आठ बजे साथा चीनी मिल में नई यूनिट लगाने की मांग को लेकर ट्रैक्टर से किसान पहुंच गए। बाकी किसानों का आने का सिलसिला जारी रहा। भारतीय किसान यूनियन भानु के प्रदेश महासचिव डॉ. शैलेंद्र पाल सिंह ने बताया कि सुबह 10:30 बजे अपनी मांगों को लेकर अधिकारियों से वार्ता हुई, लेकिन संतोषजनक जवाब न मिलने पर वह किसानों के साथ दोपहर एक बजे कलेक्ट्रेट के गेट पर धरने पर बैठ गए। किसान अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी करने लगे। इस पुलिस अधिकारियों ने कहा कि नई चीनी मिल की स्थापना को लेकर मुख्यमंत्री घोषणा कर चुके हैं। इस पर किसानों ने कहा कि वह घोषणा नहीं, बल्कि आश्वासन है। अधिकारियों से सवाल किया कि कब चीनी मिल की नई यूनिट लगेगी, इसकी तारीख बता दें, लेकिन वह इस पर कुछ नहीं बोले।

किसान मजदूर संगठन के पश्चिमी उत्तर प्रदेश अध्यक्ष अजीत पाल सिंह राघव ने बताया कि प्रशासन के साथ अनेक दौर की वार्ता के बाद सहमति न बनने पर धरने की शुरुआत हुई। कलेक्ट्रेट पर भीड़ बढ़ती देख अधिकारियों ने उन्हें वार्ता कर डीएम से बात कराने का आग्रह किया, जिस पर किसानों ने कहा कि डीएम या मंडलायुक्त सभी किसानों के बीच आकर आश्वस्त करें कि चीनी मिल पर कार्य जल्द शुरू होगा। प्रधान संगठन अध्यक्ष मनोज सिंह ने बताया कि पांच बजे किसानों ने पंचायत करके निर्णय लिया कि मंगलवार को 200 ट्रैक्टर और 1000 किसान एकत्रित कर के जिलाधिकारी कार्यालय को बंद किया जाएगा।

भारतीय किसान भानू के जिला अध्यक्ष युवा कृष्णा ठाकुर ने बताया कि धरना जारी रखने के लिए टेंट मंगाया गया, लेकिन पुलिस अधिकारियों ने टेंट वाले को भगा दिया। इससे हंगामा हो गया और नोकझोंक हो गई। दोपहर में धरना स्थल पर किसानों ने खाना बनाया और खाया। इसको लेकर भी पुलिस से नोकझोंक हुई।

देरशाम जिलाधिकारी ने सभी किसानों के समक्ष मुख्यमंत्री द्वारा की गई घोषणा का लिखित आश्वासन किसानों को दिखाया, जिस पर किसान शांत हो गए और धरना समाप्त कर दिया। धरने की अध्यक्षता इंजी. आरपी सिंह ने की। इस मौके पर प्रमेंद्र राणा, वेद प्रकाश शर्मा, देवेंद्र पाल सिंह, कुसुम सिंह, मोहन चौहान, नेम सिंह सोलंकी, ओमपाल सिंह, जहरी सिंह, राकेश देवेंद्र पाल सिंह, चंद्र पाल बघेल, मनोज कुमार, भारतीय किसान यूनियन महाशक्ति की डॉ. उषा, रिंकू कुमार, कौशल सिंह, संजू सिंह, टीटू ठाकुर, हरपाल सिंह, उमेश कुमार सिंह, हितेश चौहान, मुकेश शर्मा, मुकेश कुमार, श्रीपाल चौहान, विवेक जादौन, हरपाल जादौन, कौशल जादौन, विचित्र जादौन, बबलू सिंह, प्रमोद कुमार सिंह, अनिल सिंह, दीपक सिंह, कुशल पाल, मनीष कुमार सिंह, संजू सिंह आदि मौजूद रहे।