कल से UP में कांग्रेस की किसान महापंचायत, सहारनपुर से आंदोलन को धार देंगी प्रियंका गांधी, ये है प्लान-

नई दिल्ली | दिल्ली में जान गंवाने वाले किसान के घर रामपुर जाने के बाद कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा अब उत्तर प्रदेश में किसान पंचायत के जरिये किसानों के आंदोलन को धार देंगी। प्रियंका गांधी पश्चिमी यूपी में चार किसान पंचायत में शामिल होकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश से कांग्रेस के अभियान को आगे बढ़ाएंगी। प्रियंका गांधी की पहली सभा बुधवार को सहारनपुर में होगी। वह किसान पंचायत को संबोधित कर कृषि कानून विरोधी आंदोलन में किसानों के साथ अपनी पार्टी को जोड़ेंगी। चिल्खाना में किसान पंचायत का आयोजन किया गया है।

सहारनपुर के बाद 13 फरवरी को मेरठ, 16 को बिजनौर और 18 फरवरी को मथुरा में किसान पंचायत को प्रियंका गांधी संबोधित करेंगी। सहारनपुर में प्रियंका गांधी करीब पांच घंटे रहेंगी। प्रियंका गांधी उत्तराखंड से आकर सबसे पहले सिद्धपीठ मां शाकुंभरी देवी के दर्शन करेंगी। उसके बाद चिलकाना में आयोजित किसान महापंचायत को संबोधित कर किसान आंदोलन को धार देंगी। माना जा रहा है कि इसके जरिए वे वेस्ट के किसानों को साधने की कोशिश करेंगी। उधर, प्रशासन का दावा है कि प्रियंका गांधी के कार्यक्रम की कोई अनुमति नहीं ली गई है।

कांग्रेस के पूर्व विधायक इमरान मसूद ने बताया कि प्रियंका गांधी उत्तराखंड से सुंदरपुर, बिहारीगढ़ से जसमौर होते हुए करीब 12 बजे सिद्धपीठ मां शाकुंभरी देवी के दर्शन करने जाएंगी। वहां से मिर्जापुर थाना क्षेत्र के रायपुर स्थित खानकाह रहीमी मदरसा के पूर्व मुतवल्ली स्व. मुफ्ती अब्दुल कय्यूम के परिजनों से मुलाकात करेंगी। उसके बाद गांव गंदेवड़-पठेड़ होते हुए समय करीब दोपहर एक बजे सुल्तानपुर-चिलकाना में जेजे इंटर कालेज में किसान महापंचायत को संबोधित करेंगी। किसान पंचायत के बाद प्रियंका गांधी चिलकाना बस स्टैंड पहुंचेंगी, वहां पर कार्यकर्ता स्वागत करेंगे। यहां से बेहट रोड स्थित शाजान मसूद के आवास पर जाएंगी। यहां पर पूर्व केन्द्रीय मंत्री स्व. काजी रशीद मसूद के परिजनों से मिलकर शोक संवेदना व्यक्त करेंगी। इसके बाद शारदानगर स्थित शहीद निशांत शर्मा के घर जाएंगी।

वहां पर शहीद के परिजनों से शोक संवेदना व्यक्त करने के बाद शामली की ओर चली जाएंगी। उधर, प्रियंका गांधी के कार्यक्रम को लेकर कांग्रेस नेता तैयारियों में जुट गए हैं। कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए किसान महापंचायत में अधिक से अधिक लोगों की भीड़ एकत्रित करने के लिए लगातार जन संपर्क किया जा रहा है।