देशभर में विरोध के बाद फेसबुक ने खोला किसान एकता मोर्चा का पेज, असुविधा के लिए जताया खेद

नई दिल्ली | सोशल नेटवर्किंग वेबसाइट फेसबुक ने रविवार को किसान एकता मोर्चा के पेज को कई घंटों के लिए हटा दिया था। किसानों ने इसकी खूब आलोचना की और कहा कि उनकी आवाज को दबाने का प्रयास किया गया। किसान एकता मोर्चा एक किसान समूह है और इसका फेसबुक पेज पांच दिन से भी कम पुराना है, जिसमें 75,000 फॉलेवर्स शामिल थे। ये ग्रुप विभिन्न किसानों की यूनियनों से जानकारी इकट्ठा करता है और उन्हें सोशल मीडिया पर पोस्ट करता है। रिपोर्ट में कहा गया है कि इसके पेज को तीन घंटे बाद बहाल किया गया था।

किसान ग्रुप ने ट्वीट कर कहा कि “ये बहुत ज्यादा लोकतंत्र है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे किसानों के फेसबुक ग्रुप को हटा दिया जाए। ग्रुप के इंस्टाग्राम अकाउंट पर भी प्रतिबंध लगे, जिसके बाद उसे वीडियो या तस्वीरें पोस्ट करने की अनुमति नहीं थी। समूह के सूचना प्रौद्योगिकी सेल के प्रमुख बलजीत सिंह के अनुसार, पेज को सोशल मीडिया वेबसाइट के सामुदायिक मानकों का उल्लंघन करने के लिए हटाया गया था। बलजीत सिंह ने हिन्दुस्तान टाइम्स को बताया, “हमने परसो एक दिन पहले नरेंद्र मोदी के भाषण का जवाब देते हुए क्लिप पोस्ट की थी। उनके प्रत्येक झूठ को तथ्यों और उदाहरणों के साथ गिना गया। इसके बाद, हमने {स्वराज इंडिया के} योगेंद्र यादव के साथ एक लाइव प्रसारण शुरू किया और प्रसारण के बीच में पेज को डाउन कर दिया गया।”

भारतीय किसान यूनियन, हरियाणा के भूपेंद्र चौधरी के अनुसार, फेसबुक पेज को डाउन करना “शर्मनाक” था। उऩ्होंने कहा, “यह पहली बार नहीं है जब फेसबुक ने कुछ ऐसा किया है जो स्पष्ट रूप से सरकार के पक्ष में है। बड़े पैमाने पर नाराजगी के बाद, फेसबुक ने बाद में पेज को पुनर्स्थापित किया। फेसबुक कंपनी के प्रवक्ता ने कहा, “हमने किसान एकता मोर्चा के फेसबुक पेज (https://www.facebook.com/kisanektamorcha) को पुनर्स्थापित कर दिया है और असुविधा के लिए खेद व्यक्त किया है।”