कोरोना काल में भी लगेगी अलीगढ़ की नुमाइश, 29 जनवरी को होगा शुभारंभ

अलीगढ | राजकीय औद्योगिक एवं कृषि प्रदर्शनी यानी अलीगढ़ नुमाइश इस बार 29 जनवरी से 18 फरवरी तक चलेगी। शुक्रवार शाम नुमाइश कार्यकारिणी की बैठक में इस पर मुहर लग गई। इस बार आयोजन पर 12.68 करोड़ रुपये खर्च करने का प्रस्ताव बना है, प्रदर्शनी में उठने वाले ठेकों, बाजार, दुकान आदि से 10.29 करोड़ रुपये की कमाई प्रस्तावित की गई है। साथ ही नुमाइश के खाते में 4.74 करोड़ रुपये अवशेष हैं। इस प्रस्तावित कमाई और अवशेष धनराशि को मिलाकर प्रस्तावित खर्च का खाका खींचा गया है।

अभी मुक्ताकाशीय मंच, कोहिनूर मंच और कृष्णांजलि सभागार में होने वाले कार्यक्रमों को तय नहीं किया गया है। साथ ही बॉलीवुड नाइट के लिए कलाकार और कार्यक्रम के शुभारंभ के लिए मुख्य अतिथि का चयन नहीं हुआ है। प्रशासन ने आगामी दिनों में एक और बैठक बुलाने का एलान किया है, जिसमें कार्यक्रम तय होंगे। कलक्ट्रेट सभागार में हुई समीक्षा बैठक की जिलाधिकारी चंद्रभूषण सिंह ने अध्यक्षता की। उन्होंने कहा कि राजकीय औद्योगिक एवं कृषि प्रदर्शनी इस बार 29 जनवरी 18 फरवरी (21 दिन) तक लगेगी। यह एतिहासिक नुमाइश होगी। इसमें सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ-साथ उद्योग व कृषि विकास के क्षेत्र में हो रही प्रगति की झलक देखने को मिलेगी। नुमाइश विविधता में एकता दर्शाती है। अलीगढ़ की नुमाइश ही एक मात्र ऐसा कार्यक्रम है, जहां शहरी और ग्रामीण अंचलों से आने वाले लोग इसका आनंद उठाते हैं। इस बार भी कोविड 19 की गाइड लाइन के अनुसार, नुमाइश के आयोजन को भव्य रूप देने का प्रयास किया जाएगा।

बैठक में सीडीओ अनुनय झा, एडीएम सिटी राकेश कुमार मालपाणी, एसपी सिटी कुलदीप सिंह गुनावत, सिटी मजिस्ट्रेट विनीत कुमार सिंह, एसीएम-2 रंजीत सिंह, एसडीएम कोल अनीता यादव, तहसीलदार कोल संतोष कुमार, नुमाइश बाबू उमेश मित्तल, कार्यकारिणी के डॉ. मुद्दसिर अली, पंकज धीरज, विष्णु कुमार बंटी, राकेश सक्सेना, सुरेश गोविल, दलजीत सिंह, मुबीन खान, अहमद सईद सिद्दकी, गया प्रसाद गिर्राज, मुख्तर जैदी सहित अन्य लोग मौजूद रहे।