इटावा : पिता की शिकायत लेकर थाने पहुंचे बालक के साथ पुलिस ने किया ऐसा हो रही प्रशंसा, देखें

लखनऊ | यदि आप अपने बेटे को डांट रहे हैं या उसकी जिद पूरी नहीं कर रहे हैं तो आपका बेटे आपकी जमाने भर में किरकिरी करा सकता है |
जी हाँ यूपी के पिटा से नाराज एक बच्चे ने देशभर में अपने परिवार की किरकिरी करा दी है | हालाँकि पुलिस ने बड़ा दिल दिखाते हुए बच्चे सहित दर्जनों को नुमाइश दिखाई और सैर सपाटा कराया | पुलिस के इस महान कार्य की सूबे में प्रशंसा हो रही है | इटावा में अपने पिता से गुस्सा एक बच्चा कुछ दिनों पहले थाने पहुंचा था। ये बच्चा अपने पिता से इसलिए परेशान था क्योंकि उसके पिता उसे नुमाइश घुमाने नहीं लेकर जा रहे थे। लेकिन अब पुलिस ने इस बच्चे की जिद्द को पूरा किया है। पुलिस इस बच्चे के साथ-साथ इसके दोस्तों को नुमाइश लेकर गई और झूलों की सैर करवाई।
थाना कोतवाल और एसएसपी इटावा वैभव कृष्ण बधाई के पात्र हैं

‘पापा को इतना मारो कि रूह काँप जाये’
यूपी के इटावा करौल मोहल्ला निवासी व्यवसायी अमरनाथ गुप्ता का दूसरा बेटा ओम नारायण गुरुवार को कोतवाली पहुंच गया। थाने पहुंचते ही उसने अपने पिता की शिकायत करनी शुरू कर दी। ओम ने बताया कि इटावा महोत्सव (नुमाइश) में पिता ने ले जाने की बात कही थी लेकिन ले नहीं गए। ओम की उम्र लगभग 11 साल है और वह 5वीं कक्षा में पढ़ता है। ‘मेरा नाम ओम नारायण गुप्ता है मेरे पापा अमर नाथ गुप्ता मुझे नुमाइश नहीं ले जा रहे। जब मैने पापा से पूछा कि ऐसा क्यों किया तो उन्ने हमको मारा। अभी पापा सुबेरे आए बोले कहीं नहीं जाना। मेरे फ्रेंड माधव, तनु सभी नुमाइश घूम आए हैं। उन्ने (पापा ने) कही थी जो कर पाओ वो कर लेओ जाके। अब हम उनकी शिकायत करने थाने आ गए। पापा हमें कहीं नहीं ले जाते हैं तो उन्हें उठाकर थाने में सोड़ देओ, इतना मारो की रुह कांप जाए। जब उनको गुस्सा आती है हमें मारते हैं। हमें गुस्सा नहीं आती। जब पारा गरम हो जाता है तो हमें भी गुस्सा आ जाता है। हम यही कहना चाहते हैं कि संडे वाले दिन घर पर रहा करो, संडे और सैटरडे को घर से भाग जाते हैं और घरमें खूब कलेश कराते हैं। मम्मी खिसियाती हैं और मम्मी तो पापा को खूब डांटती हैं। वो कहती हैं तुम लोगों की वजह से जी रहे हैं। हम पापा से यही कहना चाहते हैं लिमिट में घूमो 5-6 घंटे घूमो बस।’ पुलिसवालों ने बच्चे की भावनाओं का सम्मान करते हुए उससे यह भरोसा जताया कि उसके पिता को समझा दिया जाएगा। ओम की मां और अमर नाथ की पत्नी रुचि का कहना है कि उनका बेटा स्वभाव से नटखट, शरारती और जिद्दी है।

पुलिस ने 50 बच्चो को दिखाई नुमाइश –
महोत्सव में न ले जाने की शिकायत लेकर पहुंचे एक बच्चे की फरियाद को भले ही कोई व्यक्ति किसी रूप में ले। लेकिन उसकी इस फरियाद का इटावा पुलिस पर जरूर व्यापक असर पड़ा। बच्चे के मेला घूमने की पीड़ा ने पुलिस को झकझोर दिया। इस घटना के बाद पुलिस ने ऐसे बच्चों का दर्द समझा और उन्हें लेकर इटावा महोत्सव में पहुंच गई। शनिवार को सिविल लाइन थाना प्रभारी संजय त्यागी और महोत्सव चौकी इंचार्ज देवेंद्र सिंह ने 50 झुग्गी झोपड़ियों में रहने वाले ऐसे बच्चों को एकत्रित किया जो अपने मां बाप के पैसों से महोत्सव नहीं जा सकते थे। इन बच्चों को पुलिस महिला पुलिस के जवानों के साथ महोत्सव लेकर गई। उन्हें पुलिस की गाड़ियों से बैठाकर ले जाया गया और झूले झुलाए गए। यही नहीं बच्चों को फास्ट फूड व सॉफ्टी भी खिलाई गई। पुलिस का यह व्यवहार देखकर बच्चे प्रसन्नता से झूम उठे। उन्हें शायद इस बात का भी यकीन नहीं होगा कि इस तरीके से उन्हें इटावा महोत्सव में घूमने को मिलेगा। महोत्सव में घूमने वाले लोगों में जिसने भी देखा पुलिस के इस कार्य की सराहना की।